राज्यपाल ने दी नसीहत, मोदी और रामदेव से कुछ सीखें युवा
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राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने युवा पीढ़ी को नरेंद्र मोदी, रामदेव, डा. एपीजे अब्दुल कलाम, न्यूटन जैसी शख्सियतों से सीख लेने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि टाट-पट्टी पर बैठने वालों ने ही इतिहास बनाया है। आचार्य देवव्रत ने कहा कि नरेंद्र मोदी, बाबा रामदेव, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसे व्यक्तित्व अभावों का सामना करके ही इतिहास रचने में सफल हुए हैं।
राज्यपाल ने जैविक कृषि और ऑर्गेनिक खानपान की जरूरत जताते हुए जंक फूड को खतरनाक बताया। उन्होंने पेप्सी कोला, कोका कोला का नाम लेकर चौमीन और अन्य खानपान पर उंगली उठाते हुए कहा कि जिव्हा के स्वाद के लिए हम बच्चों में रोगाणु डाल रहे हैं। जंक फूड में मैदा होता है। जो हाथ में चिपक जाता है, वह आंत में कैसे उतरेगा।
नशे पर जताया दुख
उन्होंने कहा कि प्रदेश की युवा पीढ़ी गलत दिशा में जा रही है, दुखद है। यहां की युवा पीढ़ी ड्रग्स की चपेट में है। यहां बड़ी-बड़ी परियोजनाएं बनाने या सड़कें, नदियों और नालों को ठीकठाक बना लें, मगर इनका उपभोग करने वाला ही नहीं रहेगा तो इनका कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जैविक कृषि और गोपालन खाने योग्य अनाज को उगाने में कारगर हो सकते हैं।
राज्यपाल ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि वर्ष 1989 में उनकी मौत घोषित हो गई थी। एम्स दिल्ली, अपोलो जैसे अस्पतालों ने यह कह दिया था। मगर वे आज सबके बीच हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस पर बाद में चिंतन करेंगे। वह खानपान की शुद्धता पर बात करते हुए आपबीती कह गए।