राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सिगरेट छुड़वाने को स्टाफ से डलवाई आहुति
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राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अपने जन्मदिन को यादगार बनाकर राजभवन के कर्मचारियों को भी अनूठी सौगात दी। उन्होंने कर्मचारियों से तोहफे के रूप में जीवन में कभी भी बीड़ी-सिगरेट न पीने की शपथ दिलाई। राजभवन के प्रांगण में यज्ञ का आयोजन किेेया गया। इसमें सभी कर्मचारियों से आहुतियां डलवाई गईं और धूम्रपान और नशीले पदार्थों का सेवन न करने की शपथ दिलाई।
दरअसल, हुआ यूं कि जन्मदिन के अवसर पर राज्यपाल ने राजभवन के प्रांगण में हवन आयोजित किया था। हवन शुरू करने के लिए अपने कक्ष से जाते समय राज्यपाल को एक कर्मचारी बीड़ी पीते दिख गया। पहले तो राज्यपाल ने धूम्रपान पर नाराजगी जताई लेकिन फिर कर्मचारी से उसके परिवार और बच्चों के बारे में पूछा। उसके नशे से कई तरह के नुकसान बताए गए। कर्मचारी ने धूम्रपान न करने की कसम खाई।
राज्यपाल इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने पता लगवाया कि राजभवन के कितने कर्मचारी बीड़ी-सिगरेट पीते हैं। उनके अलावा पूरे स्टाफ को यज्ञ में बुलाया गया। इसके बाद उन्होंने सभी को हवन में आहुतियां डालकर शपथ लेने को कहा। शर्मसार कर्मचारियों ने विश्वास दिलाया कि वह कभी दोबारा धूम्रपान नहीं करेंगे। राज्यपाल ने कर्मचारियों की इस शपथ को अपने जन्मदिन का सबसे बेहतरीन तोहफा बताया।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने दी बधाई
इससे पहले राज्यपाल आचार्य देवव्रत को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं तथा उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री जयराम ने व्यक्तिगत तौर पर राज्यपाल से मुलाकात कर शुभकामनाएं दी।
इसके अलावा आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह, स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार, मुख्य सचिव बीके अग्रवाल, पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी तथा सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य प्रबुद्ध नागरिकों ने भी राज्यपाल को जन्मदिन की बधाई दी।