राज्यपाल देवव्रत ने पीलिया पर तलब किए अधिकारी
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सिक्किम दौरे से लौटते ही राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राजधानी शिमला में पीलिया फैलने से बिगड़े हालात पर अफसरों को तलब किया। उन्होंने स्वास्थ्य, आईपीएच विभाग के अधिकारियों को राजभवन बुलाकर पीलिया को तुरंत नियंत्रण करने के निर्देश दिए। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने भी राज्यपाल से मुलाकात कर स्थिति स्पष्ट की। मुलाकात के बाद राज्यपाल ने प्रदेश सरकार के प्रयासों की सराहना तो की लेकिन दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत के हिमाचल लौटते ही राजभवन में हलचल शुरू हो गई। उन्होंने राजभवन के अधिकारियों से पीलिया पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी लेने के बाद स्वास्थ्य और आईपीएच विभाग के अधिकारियों को तलब किया। अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनता को साफ पानी उपलब्ध कराने और बीमार लोगों को हर संभव स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
हिमाचल भी बन सकता है जैविक प्रदेश: राज्यपाल
अधिकारियों के बाद स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर भी राजभवन पहुंचे। राज्यपाल ने उनसे आधे घंटे तक चर्चा की। स्वास्थ्य मंत्री ने पीलिया पर नियंत्रण को लेकर हर संभव कदम उठाने की बात कही। सिक्किम में जैविक खेती पर आयोजित कार्यक्रम से लौटे राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने हिमाचल में भी जैविक खेती के क्षेत्र में अपार संभावनाएं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल समेत अधिकतर प्रदेशों में लोग पेस्टिसाइड व यूरिया युक्त जो अनाज खा रहे हैं वह धीमा जहर है।
ऐसे में सिक्किम और हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति एक समान है इसलिए यहां जैविक खेती के सफल होने की संभावना ज्यादा हो सकती है। कहा कि जिस तरह सिक्किम सरकार ने साल 2004 से जैविक खेती पर प्रयास शुरू किए उसका परिणाम आज सामने हैं। ऐसे में अगर हिमाचल भी इस ओर कदम उठाए तो न सिर्फ जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी बल्कि खेतों से निकलने वाला अनाज और फल सब्जी उसे खाने वाले को अधिक फायदा भी पहुंचाएगी।