{"_id":"669135186544ef1d060a499b","slug":"government-should-fix-freight-rates-as-per-rules-shimla-news-c-19-sml1001-378971-2024-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: मालाभाड़ा की दरें नियमों के \nमुताबिक तय करवाए सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: मालाभाड़ा की दरें नियमों के मुताबिक तय करवाए सरकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेब उत्पादक संघ ने बैठक में उठाई मांग
बोले, हर क्षेत्रों में अलग-अलग दरों पर लिया जा रहा मालभाड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने सरकार से शुक्रवार को बैठक कर मालभाड़ा की दरें नियमों के मुताबिक तय करने का आग्रह किया है। संघ का कहना है कि प्रदेशभर में सेब के उत्पादन में निरंतर गिरावट दर्ज की जा रही है।
बागवानों ने कहा कि खाद, कीटनाशक और फफूंदनाशक सहित अन्य वस्तुओं की कीमतों तथा मालभाड़े में निरंतर वृद्धि हो रही है। सेब बागवानों को उचित कीमत नहीं मिल रही है। बागवानों का कहना है कि प्रदेशभर में सेब और अन्य फलों को मंडियों तक पहुंचाने के लिए ट्रक तथा पिकअप का जो मालभाड़ा लिया जा रहा है वह अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग दरों पर लिया जा रहा है। कई स्थानों पर तो यह बहुत अधिक वसूला जा रहा है। बागवान प्रदेश सरकार से बार-बार मांग कर रहे हैं कि प्रदेश में सेब और अन्य फलों को मंडियों तक पहुंचाने के लिए हिमाचल प्रदेश पैसेंजर्स एंड गुड्स टैक्सेशन कानून 1955 के तहत प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय किया जाए। सेब उत्पादक संघ ने गत वर्ष इसको लेकर संघर्ष किया था। कुछ उपमंडलों में इसे अधिसूचित तो किया लेकिन इसे जमीनी स्तर पर लागू नहीं किया था। अधिकांश उपमंडल स्तर पर तो इसकी अधिसूचना ही जारी नहीं की है। बागवानों से मनमाना मालभाड़ा वसूला जा रहा है।
भाड़ा तय नहीं किया तो छेड़ देंगे आंदोलन
संघ का कहना है कि प्रदेश के सभी उपमंडलों में नियमों के तहत प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर की दर से मालभाड़ा तय करने के निर्देश जारी करें। यदि सरकार मालभाड़ा कानून के अनुसार तय नहीं करती है तो सेब उत्पादक संघ 18 जुलाई को ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन करेगा। बैठक में सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष सोहन ठाकुर और सचिव पूर्ण ठाकुर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बोले, हर क्षेत्रों में अलग-अलग दरों पर लिया जा रहा मालभाड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने सरकार से शुक्रवार को बैठक कर मालभाड़ा की दरें नियमों के मुताबिक तय करने का आग्रह किया है। संघ का कहना है कि प्रदेशभर में सेब के उत्पादन में निरंतर गिरावट दर्ज की जा रही है।
बागवानों ने कहा कि खाद, कीटनाशक और फफूंदनाशक सहित अन्य वस्तुओं की कीमतों तथा मालभाड़े में निरंतर वृद्धि हो रही है। सेब बागवानों को उचित कीमत नहीं मिल रही है। बागवानों का कहना है कि प्रदेशभर में सेब और अन्य फलों को मंडियों तक पहुंचाने के लिए ट्रक तथा पिकअप का जो मालभाड़ा लिया जा रहा है वह अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग दरों पर लिया जा रहा है। कई स्थानों पर तो यह बहुत अधिक वसूला जा रहा है। बागवान प्रदेश सरकार से बार-बार मांग कर रहे हैं कि प्रदेश में सेब और अन्य फलों को मंडियों तक पहुंचाने के लिए हिमाचल प्रदेश पैसेंजर्स एंड गुड्स टैक्सेशन कानून 1955 के तहत प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर के हिसाब से तय किया जाए। सेब उत्पादक संघ ने गत वर्ष इसको लेकर संघर्ष किया था। कुछ उपमंडलों में इसे अधिसूचित तो किया लेकिन इसे जमीनी स्तर पर लागू नहीं किया था। अधिकांश उपमंडल स्तर पर तो इसकी अधिसूचना ही जारी नहीं की है। बागवानों से मनमाना मालभाड़ा वसूला जा रहा है।
विज्ञापन
भाड़ा तय नहीं किया तो छेड़ देंगे आंदोलन
संघ का कहना है कि प्रदेश के सभी उपमंडलों में नियमों के तहत प्रति क्विंटल प्रति किलोमीटर की दर से मालभाड़ा तय करने के निर्देश जारी करें। यदि सरकार मालभाड़ा कानून के अनुसार तय नहीं करती है तो सेब उत्पादक संघ 18 जुलाई को ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन करेगा। बैठक में सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष सोहन ठाकुर और सचिव पूर्ण ठाकुर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन