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Shimla News: भूमि अधिग्रहण मामले में सरकार को देना होगा बढ़ा हुआ मुआवजा

Tue, 11 Aug 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2026 11:59 PM IST
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Government must pay enhanced compensation in land acquisition case.
अपर शिमला में
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फैसले से प्रभावितों को राहत, थानाधार-कल्ना सड़क के लिए मामले में 29 साल पहले अधिग्रहित की गई थी जमीन
वर्ष 1997 में ठियोग तहसील में हुआ था भूमि का अधिग्रहण
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला शिमला के ठियोग क्षेत्र में सड़क निर्माण के लिए करीब तीन दशक पहले अधिग्रहित की गई भूमि के मामले में जिला न्यायालय (वन) शिमला ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
जिला न्यायाधीश (वन) अजय मेहता की अदालत ने याचिकाकर्ता लेफ्टिनेंट कर्नल दौलत सिंह चौहान और अन्य सह-खातेदारों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें संशोधित और बढ़ा हुआ मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। मुआवाजे की राशि अभी तय नहीं की है। थानाधार-कल्ना सड़क के निर्माण के लिए वर्ष 1997 में ठियोग तहसील के तहत धार-तर्पुनू गांव में कस्बा नंबर 237/1 स्थित भूमि का अधिग्रहण किया गया था। भूमि अधिग्रहण कलेक्टर, एचपीडब्ल्यूडी, रामपुर बुशहर ने इस मामले में 27 मई 1997 को अवार्ड पारित किया था। याचिकाकर्ता का आरोप था कि यह अवार्ड उनकी जानकारी के बिना पारित किया और उन्हें इसकी कोई सूचना नहीं दी गई।आरटीआई के तहत मई 2022 में संबंधित कार्यालय से जानकारी हासिल करने के बाद उन्हें इस अवार्ड के बारे में आधिकारिक रूप से पता चला। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2022 में अदालत का दरवाजा खटखटाया।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि भले ही यह मामला पुराने भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत चलेगा, लेकिन याचिकाकर्ता समान उद्देश्य यानी सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि के लिए लागू उच्चतम दर पर मुआवजा पाने के हकदार हैं। अदालत ने कहा कि चूंकि भूमि एक ही उद्देश्य के लिए अधिग्रहित की थी, इसलिए याचिकाकर्ता और अन्य सह-खातेदार संपूर्ण अधिग्रहित भूमि के लिए बक्कल अव्वल श्रेणी की उच्चतम निर्धारित बाजार दर पाने के हकदार हैं। अदालत के फैसले के अनुसार, अवार्ड की राशि पर धारा 34 के तहत अवार्ड की तिथि से लेकर याचिका दायर करने तक ब्याज देय होगा। इसके अतिरिक्त बढ़े हुए मुआवजे की राशि पर धारा 28 के तहत तब तक ब्याज देना होगा जब तक कि पूरी राशि का भुगतान नहीं कर दिया जाता।
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