निवेशकों को श्रेष्ठ सुविधाएं देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार धर्मशाला में इस वर्ष जून में ग्लोबल इन्वेस्टर मीट करने पर विचार कर रही है। इसके लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग की आवश्यकता है।
सम्मेलन में पर्यटन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा एवं कौशल विकास, स्वास्थ्य देखभाल एवं आयुष, विनिर्माण, फार्मास्युटिकल, अधोसंरचना, लॉजीस्टिक्स, ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, एग्रो और खाद्य प्रसंस्करण जैसे उभरते क्षेत्रों पर विशेष बल दिया जाएगा।
सीएम सोमवार शाम को सीआईआई के राज्य वार्षिक सत्र 2018-19 सत्र के दौरान संबोधित कर रहे थे। कहा कि सरकार इन्वेस्टर मीट के लिए सर्वांगीण सोच के साथ कार्य कर रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर मीट प्रदेश में निवेश की अपार संभावना को प्रदर्शित करने में सहायक सिद्ध होगी।
कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि उद्यमियों को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शीघ्र स्वीकृतियां मिल सकें। बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, काला अंब, टाहलीवाल इत्यादि जैसे पहले से ही स्थापित औद्योगिक क्षेत्रों में श्रेष्ठ अधोसंरचना सृजित की जाएगी।
औद्योगिक क्षेत्रों में श्रेष्ठ कानून व्यवस्था
सरकार औद्योगिक क्षेत्रों में श्रेष्ठ कानून व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा कि सरकार प्रदेश को भारत के श्रेष्ठ निवेश गंतव्यों में से एक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रदेश में इज ऑफ डुइंग बिजनेस में सुधार करने के अतिरिक्त सरकार उद्योगपतियों तथा सीआईआई जैसे संघों के सुझावों पर भी विचार करेगी। सीआईआई के उत्तर क्षेत्र के अध्यक्ष सचित जैन ने कहा कि प्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने आशा जताई कि हिमाचल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर मीट प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने में सहायक सिद्ध होगी। सीआईआई अध्यक्ष आईएमजीएस सिद्धू ने कहा कि परिवहन संघ औद्योगिकीकरण में सबसे बड़ी बाधा है।
उन्होंने संपत्ति कर को सरल बनाने का भी आग्रह किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अनिल खाची और मनोज कुमार, निदेशक उद्योग हंसराज शर्मा, विशेष सचिव आबिद हुसैन, सीआईआई हिमाचल के उपाध्यक्ष हरीश अग्रवाल, सीआईआई सदस्य अंकुर सिंह चौहान भी मौजूद रहे।