'मोटी सैलरी पर रिजल्ट शर्मनाक, राजनीति छोड़ पढ़ाई पर ध्यान दें टीचर'
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हिमाचल बोर्ड परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के घटते परीक्षा परिणाम पर शिक्षा विभाग के नए अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. एवीजे प्रसाद तल्ख हो गए हैं। उन्होंने शिक्षकों को राजनीति छोड़ अच्छे परीक्षा परिणाम देने पर अधिक ध्यान देने को का है।
उन्होंने कहा है कि मोटी तनख्वाह पाने वाले शिक्षकों को आत्ममंथन करने की जरूरत है। शनिवार को उच्च शिक्षा निदेशालय में जिला उपनिदेशकों के साथ बैठक करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी सुविधाएं मिलने के बावजूद सरकारी स्कूलों के पिछड़ने पर चिंता जताई।
उन्होंने प्रदेश के शिक्षकों से प्रदेश हित में कार्य करने का आह्वान करते हुए केरल से सबक लेने की नसीहत दी। शिक्षा विभाग का जिम्मा संभालने के दो दिन बाद ही डॉ. प्रसाद ने निदेशालय पहुंचकर शिक्षा विभाग के अफसरों की क्लास लगाई।
कम सैलरी वाले प्राइवेट स्कूलों के टीचरों का रिजल्ट बढ़िया
अफसरों को उनकी जिम्मेवारियों का अहसास दिलाते हुए उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों के शिक्षकों को बहुत कम वेतन मिलता है, इसके बावजूद निजी स्कूलों का परीक्षा परिणाम बेहतर है। जबकि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को मोटी तनख्वाह मिल रही है।
फिर भी परिणाम अपेक्षाकृत नहीं है। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि वह बाकी सभी कार्यों को छोड़कर सिर्फ बच्चों को पढ़ाने और परिणाम बेहतर देने के लिए कार्य करे। शिक्षक अगर ऐसा करते हैं तो वह स्वयं शिक्षकों की समस्याओं को एक-एक कर दूर करेंगे।
बैठक के दौरान उपनिदेशकों से फील्ड में पेश आ रही दिक्कतों पर भी मंथन किया गया। बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल बिंटा, अतिरिक्त निदेशक एमएल आजाद, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक घनश्याम चंद सहित सभी जिलों के उपनिदेशक मौजूद रहे।
दफ्तर में बैठकर नहीं होगा निरीक्षण, फील्ड में जाओ
डॉ. प्रसाद ने शिक्षा विभाग के अफसरों को दफ्तर में बैठकर ही स्कूलों का निरीक्षण करने की रिपोर्टें न बनाने को कहा। कहा, स्कूलों में जाकर औचक निरीक्षण नियमित तौर पर होने चाहिए। कमियों को तलाश कर दूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान कई नई बातें पता चलती हैं। इससे कार्यप्रणाली में सुधार आएगा।
कैमरे लगने से रिजल्ट खराब होना बहुत ही शर्मनाक
अतिरिक्त मुख्य सचिव को बताया कि इस साल कई सरकारी स्कूलों के परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। इस कारण भी परिणाम कम हुए हैं। इस पर डॉ. प्रसाद ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि अगर कैमरों की वजह से परिणाम कम हुए हैं तो यह बहुत ही शर्मनाक है। इससे प्रतीत होता है कि पहले परीक्षा केंद्रों में क्या-क्या होता होगा।