टैंक में डूबने से आठवीं की छात्रा की मौत
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सोलन के धरमाणा गांव के आठवीं की छात्रा की सिंचाई टैंक में डूबकर मौत हो गई है। स्कूल में छुट्टी के बाद वह अपनी दो अन्य सहेलियों के साथ करीब 08 फीट गहरे पानी के टैंक में नहाने में गई थी। इसी बीच वहां डूबने से उसकी मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक 14 साल की छात्रा स्कूल में अवकाश के बाद घर पहुंची।
पड़ोस की दो अन्य सहेलियों के साथ उसने घर से 500 मीटर दूर पानी के टैंक में जाने की योजना बनाई। दोनो सहेलियां साथ थी। वह पहले खुद टैंक के पास पहुंची और इसी बीच वह टैंक में गिर गई। डूबता देख दानो सहेलियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। गांव वाले एकत्र हो गए। छात्रा को टैंक से बाहर निकाला और नालागढ़ अस्पताल ले आए।
लेकिन अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। पंचायत प्रधान रामचंद, उपप्रधान मनोहर लाल, वार्ड पंच प्रेम लता और जिया लाल ने बताया कि युवती को नालागढ़ अस्पताल लाया था, जिसे मृत घोषित कर दिया है। उधर पुलिस के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है। 174 के तहत कार्रवाई होना तय है।
गिरि नदी में डूबने से युवक की मौत
सिरमौर जिले के बडगला के समीप गिरि नदी में डूबने से चंडीगढ़ के एक युवक की मौत हो गई है। रविवार देर शाम वह गिरि नदी में नहाने उतरा था लेकिन पांव फिसलने के कारण पानी की गहराई में डूब गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ के सुखना इकुअल तेगवाल कांसल रोड़ मोहाली निवासी रमणीक (32) अपने साथियों के साथ घूमने-फिरने आया था। रविवार शाम को वह बडग़ला के समीप एक कैंप रिजोर्ट में रुके। शाम को वह नहाने के लिए नदी में उतर गए लेकिन नहाते वक्त अचानक रमणीक का पांव फिसल गया और वह गिरि नदी के तेज बहाव में बह गया।
पानी की गहराई अधिक होने की वजह से वह काफी दूर तक बह गया। उसे स्थानीय लोगों के सहयोग से बाहर निकाला गया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। उसकी पानी में डूबने के कारण मौत हो गई। डीएसपी योगेश रोल्टा ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
बेखौफ नदी में उतर रहे पर्यटक
गिरि नदी में पर्यटक बेखौफ नहाने उतर रहे हैं। नदी के तेज बहाव और गहराई से अंजान पर्यटक नदी में उतरते ही काल का ग्रास बन जाते हैं। ‘अमर उजाला’ ने कुछ दिन पहले ही इस मसले को उठाया था। प्रशासन की ओर से नदी के तटों पर किसी भी तरह के साइन बोर्ड इस संदर्भ में नहीं लगाए गए हैं। जानकारी के अभाव में पर्यटक नदी में नहाने उतरते हैं और कभी वापस नहीं लौटते।