{"_id":"6152010c8ebc3e69c76de48f","slug":"girl-dies-of-scrub-typhus-in-igmc-shimla-news-sml385367593","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईजीएमसी में स्क्र टायफस से युवती की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईजीएमसी में स्क्र टायफस से युवती की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला। आईजीएमसी में स्क्रब टायफस से 21 साल की युवती की मौत हो गई। सिरमौर के नौहराधार की रहने वाली इस युवती को 23 सितंबर को दाखिल किया गया था। उसकी हालत काफी गंभीर बनी हुई थी। चिकित्सक युवती पर लगातार निगरानी बनाए रखे थे। लेकिन दो दिनों बाद इसकी मौत हो गई। अब तक अस्पताल में इस बीमारी से चार मरीजों की मौत हो गई हैं।
मेडिसन विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि बरसात के मौसम के दौरान लोगों को खेतों व जंगलों में काम करने से जाने से पूर्व सावधानी बरतनी चाहिए, जिससे वह इस पिस्सू की चपेट में आने से बच सके। डॉक्टरों का कहना है कि अगर मरीजों को बुखार संबंधित लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत अस्पताल में उपचार के लिए आएं।
लक्षण
तेज बुखार 104 से 105 तक जा सकता है।
जोड़ों में दर्द और कंपकंपी के साथ बुखार आना।
शरीर में ऐंठन अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना।
गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना।
बचाव
शरीर की सफाई का ध्यान रखें।
घर और आसपास के वातावरण को साफ रखें।
घर के चारों ओर घास खरपतवार नहीं उगने दें।
घर के पास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें।
ऐसे होता है स्क्रब टायफस
यह रोग एक जीवाणु रिकेटशिया से संक्रमित पिस्सू (माइट) के काटने से फैलता है। जो खेतों झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस का बुखार पैदा करता है।
विज्ञापन
3110 मरीज पहुंचे आईजीएमसी
आईजीएमसी में सोमवार को 3110 मरीजों की ओपीडी हुई। सबसे ज्यादा भीड़ मेडिसन ओपीडी, कार्डियोलॉजी और आर्थो ओपीडी के बाहर देखने को मिली।
विज्ञापन
मेडिसन विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि बरसात के मौसम के दौरान लोगों को खेतों व जंगलों में काम करने से जाने से पूर्व सावधानी बरतनी चाहिए, जिससे वह इस पिस्सू की चपेट में आने से बच सके। डॉक्टरों का कहना है कि अगर मरीजों को बुखार संबंधित लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत अस्पताल में उपचार के लिए आएं।
विज्ञापन
लक्षण
तेज बुखार 104 से 105 तक जा सकता है।
जोड़ों में दर्द और कंपकंपी के साथ बुखार आना।
शरीर में ऐंठन अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना।
गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना।
बचाव
शरीर की सफाई का ध्यान रखें।
घर और आसपास के वातावरण को साफ रखें।
घर के चारों ओर घास खरपतवार नहीं उगने दें।
घर के पास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें।
ऐसे होता है स्क्रब टायफस
यह रोग एक जीवाणु रिकेटशिया से संक्रमित पिस्सू (माइट) के काटने से फैलता है। जो खेतों झाड़ियों और घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस का बुखार पैदा करता है।
विज्ञापन
3110 मरीज पहुंचे आईजीएमसी
आईजीएमसी में सोमवार को 3110 मरीजों की ओपीडी हुई। सबसे ज्यादा भीड़ मेडिसन ओपीडी, कार्डियोलॉजी और आर्थो ओपीडी के बाहर देखने को मिली।