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हिमाचल विवि में हुई भर्तियों की कराएं जांच : एसएफआई
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कोटशेरा इकाई ने राज्यपाल से किया आग्रह
बोले, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दी नियुक्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एसएफआई की कोटशेरा कॉलेज इकाई ने शुक्रवार को कॉलेज प्राचार्य के माध्यम से राज्यपाल को मांगपत्र भेजकर हिमाचल विवि में हुई शिक्षकों की भर्ती की जांच करवाने की मांग की है।
इकाई अध्यक्ष पवन और सचिव जनेश कुमार ने कहा कि पूर्व कुलपति एवं वर्तमान में राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार के कार्यकाल में लॉकडाउन के समय हुई भर्तियों में अनियमितता बरती गई है। एसएफआई ने सूचना का अधिकार के तहत 154 शिक्षकों की भर्तियों में गड़बड़ी के दस्तावेज जुटाए हैं। एसएफआई की कॉलेज इकाई ने फर्जी शोध-पत्रों, गैर कानूनी तरीके से नेट छूट के जारी प्रमाण पत्रों, फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों की हुई भर्तियों की जांच करवाने, एक विभाग से दूसरे विभाग में पदों को स्थानांतरित कर भरे जाने, ईसी की शक्तियों को अपने हाथ में लेकर लिफाफे खोलने और नियुक्ति पत्र जारी करने, गैर कानूनी तरीके से विवि में आउटसोर्स आधार पर कर्मियों की नियुक्ति करने जैसे मामले मांगपत्र में उठाए हैं।
उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश के तहत एक आयोग का गठन कर दोषियों के खिलाफ जांच की जाए। इन लोगों की संपत्तियों की जांच भी हो। चेताया कि यदि जांच कर सच्चाई सामने नहीं लाई और अयोग्य भर्ती हुए लोगों को बाहर नहीं किया तो एसएफआई आंदोलन छेड़ देगी।
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बोले, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दी नियुक्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एसएफआई की कोटशेरा कॉलेज इकाई ने शुक्रवार को कॉलेज प्राचार्य के माध्यम से राज्यपाल को मांगपत्र भेजकर हिमाचल विवि में हुई शिक्षकों की भर्ती की जांच करवाने की मांग की है।
इकाई अध्यक्ष पवन और सचिव जनेश कुमार ने कहा कि पूर्व कुलपति एवं वर्तमान में राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार के कार्यकाल में लॉकडाउन के समय हुई भर्तियों में अनियमितता बरती गई है। एसएफआई ने सूचना का अधिकार के तहत 154 शिक्षकों की भर्तियों में गड़बड़ी के दस्तावेज जुटाए हैं। एसएफआई की कॉलेज इकाई ने फर्जी शोध-पत्रों, गैर कानूनी तरीके से नेट छूट के जारी प्रमाण पत्रों, फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों की हुई भर्तियों की जांच करवाने, एक विभाग से दूसरे विभाग में पदों को स्थानांतरित कर भरे जाने, ईसी की शक्तियों को अपने हाथ में लेकर लिफाफे खोलने और नियुक्ति पत्र जारी करने, गैर कानूनी तरीके से विवि में आउटसोर्स आधार पर कर्मियों की नियुक्ति करने जैसे मामले मांगपत्र में उठाए हैं।
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उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश के तहत एक आयोग का गठन कर दोषियों के खिलाफ जांच की जाए। इन लोगों की संपत्तियों की जांच भी हो। चेताया कि यदि जांच कर सच्चाई सामने नहीं लाई और अयोग्य भर्ती हुए लोगों को बाहर नहीं किया तो एसएफआई आंदोलन छेड़ देगी।
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