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पोलियो ड्रॉप्स पिलाने के लिए जान पर खेल गईं गीता, पति का हाथ थाम 16 किमी तक किया पैदल सफर

Mon, 20 Jan 2020 12:01 PM IST
Krishan Singh हरिराम चौधरी, अमर उजाला, सैंज (कुल्लू)
हरिराम चौधरी, अमर उजाला, सैंज (कुल्लू) Published by: Krishan Singh Updated Mon, 20 Jan 2020 12:01 PM IST
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Geeta has played her life to feed polio drops, Died in front of husband
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल के जिला कुल्लू की सैंज घाटी के दुर्गम क्षेत्र शाक्टी में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने जा रही एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बर्फ में फिसलकर 300 फीट गहरी खाई में गिरने से मौके पर ही मौत हो गई।  कुल्लू की गाड़ापारली पंचायत के बर्फीले रास्ते जानलेवा बन गए हैं। इन रास्तों पर बिछी बर्फ की परत पर चलना आसान नहीं है। ऐसे में अपने काम के लिए समर्पित रहने वाली गीता देवी ने नौनिहालों को दो बूंद जिंदगी की पिलाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी। पति भाग चंद को घर से साथ लेकर निकली गीता ने उसका साथ हमेशा के लिए छोड़ दिया। 
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 जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के गैर जिम्मेदाराना आदेश गीता की जान पर भारी पड़ गए। बर्फबारी के चलते जनजातीय क्षेत्र में पोलियो ड्रॉप्स पिलाने की तारीख टाली गई है। लेकिन कुल्लू जिला के ऊपरी क्षेत्र में भारी बर्फबारी होने के बावजूद रविवार को ही पोलियो ड्रॉप्स पिलाने के आदेश दिए गए। गाड़ापारली जैसी दुर्गम पंचायत में शाक्टी-मरौड़ जैसे सुदूर गांव तक पैदल पहुंचना किसी के लिए आसान नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार जिस रास्ते से गीता देवी गुजरी, उससे अब तक पांच लोगों की पैर फिसलने से जान जा चुकी है। 
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लोगों में भारी रोष

जनता कई बार रास्तों को दुरुस्त करने की मांग सरकार और प्रशासन से कर चुकी है। बर्फ में रास्ते पर पाले की बड़ी परत जमी रहती है। गीता देवी भी इस रास्ते से शाक्टी गांव में बच्चों को दो बूंद जिंदगी की पिलाने जा रही थी। मैल गांव में अपने घर से करीब 16 किमी की दूरी पर हादसा हो गया। बर्फ पर पैर फिसलने से वह अपनी जान गंवा बैठीं। पति का हाथ छूटते ही वह गहरी खाई में जा गिरी।

ग्रामीण लगन चंद, रोशन लाल और बुध राम आदि ने कहा कि जिला प्रशासन ने दुर्गम क्षेत्र में पोलियो पिलाने की तिथि आगे की होती तो यह हादसा न होता। उन्होंने कहा कि प्रशासन, नप और स्वास्थ्य विभाग को जब पता था कि जिले के ऊपरी गांव में भारी बर्फबारी हुई है तो इसे लेकर अलर्ट भी जारी किया। लेकिन प्रशासन ने पोलियो ड्रॉप्स पिलाने की तारीख को क्यों नहीं बदला। लोगों ने इस मामले की जांच करवाने की मांग की है। 

जिला कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र आर्य ने बताया कि बाल विकास परियोजना बंजार के तहत अत्यंत दूरदराज में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र मैल वृत्त न्यूली की 35 वर्षीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गीता देवी अपने काम के प्रति हमेशा गंभीर रहती थी। बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी, जिला परिषद अध्यक्ष रोहिणी चौधरी, पंस सदस्य जवित्री देवी और पंचायत प्रधान भाग चंद ने गीता देवी के निधन पर शोक जताया है।

लाहौल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में चार दिन पहले ही मौसम को देखते हुए पोलियो अभियान को स्थगित कर दिया है। यहां 50 बूथों में करीब 1500 बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जानी थी। लेकिन कुल्लू में बर्फ से लकदक गांव में पोलियो अभियान को स्थगित क्यों नहीं किया गया। इसको लेकर जिला के लोगों में प्रशासन के प्रति भारी रोष है।

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