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गैस रिसाव: न मास्क, न सुरक्षा के लिए कोई उपकरण

Sun, 10 Jan 2016 02:01 PM IST
Updated Sun, 10 Jan 2016 02:01 PM IST
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gas leakage at soap factory parwanoo solan.

यह पहली बार नहीं है जब गैस रिसाव के कारण कामगारों की जान से खिलवाड़ हुआ है। इससे पहले भी औद्योगिक नगर बद्दी और परवाणू में गैस रिसाव के कारण बड़े बड़े हादसे होने से टले हैं। लेकिन अप्रशिक्षित हाथों में गैस हैंडलिंग करवाकर श्रमिकों की जान जोखिम में डालने पर न विभाग और न प्रशासन अंकुश लगाने में नाकाम रहा है। वहीं मौके पर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए न तो कामगारों को मास्क और न ही अन्य सुरक्षा उपकरण मुहैया थे।

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शनिवार को सेक्टर-2 में गैस रिसाव हादसा अप्रशिक्षित कामगारों की देन है। यह हाइड्रोजन पैराक्साइड गैस एक साधारण पंप से ट्रांसफर की जा रही थी। हालांकि श्रमिक इसे रूटीन का काम बता रहे हैं। लेकिन, यह कितना घातक हो सकता था यह उन्हें पता भी नहीं था। बार-बार हो रही इन घटनाओं के बाद भी ठेकेदारी प्रथा के माध्यम से उद्योगों में कामगारों को ठूंसा जा रहा है।
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न तो इन्हें गैस स्टोर करने का प्रशिक्षण हासिल होता है और न ही गैस को शिफ्ट करते वक्त एहतियात बरतने की जानकारी होती है। हलकी से लापरवाही कई लोगों की जान जोखिम में डाल दे, इसका अंदाजा शायद इन कामगारों को भी नहीं होता जो गैस को शिफ्ट करते हैं।

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पहले भी बद्दी और परवाणू में हुए हैं कई हादसे

gas leakage at soap factory parwanoo solan.

औद्योगिक नगर बद्दी में अप्रशिक्षित कामगारों की कोताही कई बार भारी पड़ी है। बद्दी में फैक्ट्रियों में ब्लास्ट के कारण कई कामगारों की मौत हो चुकी है। मई, 2013 में पेपर मिल में ब्लास्ट होने से तीन कामगारों की मौत हो चुकी है। 2014 में परवाणू गैबरियल में गैस रिसाव हुआ था।

पूर क्षेत्र खाली करवाना पड़ा था। 2015 में सरिया फैक्ट्री में भट्टी में ब्लास्ट होने से दो लोगों की मौत हुई थी। डीसी सोलन मदन चौहान ने कहा कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर ही आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

सीटू के प्रधान ओमदत्त शर्मा ने हादसे पर कड़ा रोष जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि ठेकेदारी प्रथा से प्रशिक्षित मजदूरों को उद्योगों में भरा जा रहा है। अप्रशिक्षित कामगारों की वजह से कई हादसे हुए हैं। कई जाने गई हैं। यह हादसा भी अप्रशिक्षित कामगारों की देन है। अगर सरकार ने ऐसे उद्योगों की जांच करके मामले नहीं पकड़े तो आंदोलन और प्रदर्शन होगा।

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