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Shimla News: राजधानी में गरीबों के आवास बनाने के लिए नहीं मिल रहा पैसा, योजना में होगा बदलाव
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खास खबर...
नगर निगम ने ढली में 110 आवास बनाने की तैयार की है योजना, निर्माण कार्य पर खर्च होंगे 40 करोड़ रुपये
केंद्र सरकार से निर्माण को मिलेंगे सिर्फ 12.75 करोड़ रुपये
बाकी बजट का खुद करना होगा इंतजाम, बेचने पड़ सकते हैं 55 फ्लैट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में गरीब परिवारों के लिए पक्के आवास बनाने की योजना में अब बड़ा बदलाव करने की तैयारी है। केंद्र और राज्य सरकार से योजना के लिए पर्याप्त बजट न मिलने के कारण गरीबों के लिए बनाए जाने वाले आवासों की संख्या में कटौती हो सकती है। नगर निगम योजना में बदलाव करने जा रहा है।
शहर में नगर निगम 110 आवास तो बनाएगा लेकिन इनमें से सिर्फ 55 आवास ही गरीब परिवारों को मिल सकते हैं। बाकी 55 आवास बेचकर निगम इस योजना के लिए बजट जुटाने की योजना बना रहा है। शहरी विकास विभाग ने भी नगर निगम को इस योजना पर काम करने को कहा है। नगर निगम ने शहर में 110 आवास बनाने की योजना तैयार की थी। यह आवास उन गरीब परिवारों को मिलने हैं, जिनके पास न तो अपना घर है और न ही जमीन। निगम प्रशासन ने इसके लिए ढली में जमीन चिह्नित की है। यहां आवास बनाने के लिए एक एजेंसी को पीपीआर (प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने का जिम्मा दिया गया था। एजेंसी ने हाल ही में रिपोर्ट नगर निगम को सौंपी है। इसमें मौके पर उपलब्ध जमीन पर कुल 110 आवास बनाने की योजना है।रिपोर्ट के अनुसार इनके निर्माण पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नगर निगम के अनुसार केंद्र सरकार से इस योजना के लिए 12.75 करोड़ रुपये मिलने हैं।
सरकार को भेजी थी रिपोर्ट
नगर निगम ने इस योजना की रिपोर्ट सरकार को भी भेजी थी। इसमें योजना को पूरा करने के लिए बजट की मांग की गई थी। शहरी विकास विभाग ने नगर निगम को ही इसके लिए बजट का इंतजाम करने को कहा है। विभाग की ओर से निगम को बजट जुटाने के सुझाव भी दिए हैं। नगर निगम को मौके पर कुछ अन्य फ्लैट बनाकर बेचने को कहा गया था ताकि इस योजना के लिए पैसों का इंतजाम हो सके। इस पर निगम का कहना है कि मौके पर नगर निगम की और जमीन नहीं है, जिस पर अन्य फ्लैट बनाए जा सकें। ऐसे में अब विकल्प है कि 110 में से 55 आवास तैयार कर उन्हें बेचा जाए। इससे होने वाली आय से गरीबों के लिए आवासों का निर्माण किया जाए। फिलहाल इस संबंध में नगर निगम शहरी विकास विभाग के पत्र का जवाब तैयार कर रहा है। जल्द ही आधे आवास बेचने और योजना के लिए बजट जुटाने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल ने कहा कि ढली में गरीबों के आवास बनाने को लेकर पीपीआर तैयार कर ली गई है। इस पर शहरी विकास विभाग की ओर से कुछ सुझाव मिले हैं, जिनका जवाब तैयार किया जा रहा है।
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नगर निगम ने ढली में 110 आवास बनाने की तैयार की है योजना, निर्माण कार्य पर खर्च होंगे 40 करोड़ रुपये
केंद्र सरकार से निर्माण को मिलेंगे सिर्फ 12.75 करोड़ रुपये
बाकी बजट का खुद करना होगा इंतजाम, बेचने पड़ सकते हैं 55 फ्लैट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में गरीब परिवारों के लिए पक्के आवास बनाने की योजना में अब बड़ा बदलाव करने की तैयारी है। केंद्र और राज्य सरकार से योजना के लिए पर्याप्त बजट न मिलने के कारण गरीबों के लिए बनाए जाने वाले आवासों की संख्या में कटौती हो सकती है। नगर निगम योजना में बदलाव करने जा रहा है।
शहर में नगर निगम 110 आवास तो बनाएगा लेकिन इनमें से सिर्फ 55 आवास ही गरीब परिवारों को मिल सकते हैं। बाकी 55 आवास बेचकर निगम इस योजना के लिए बजट जुटाने की योजना बना रहा है। शहरी विकास विभाग ने भी नगर निगम को इस योजना पर काम करने को कहा है। नगर निगम ने शहर में 110 आवास बनाने की योजना तैयार की थी। यह आवास उन गरीब परिवारों को मिलने हैं, जिनके पास न तो अपना घर है और न ही जमीन। निगम प्रशासन ने इसके लिए ढली में जमीन चिह्नित की है। यहां आवास बनाने के लिए एक एजेंसी को पीपीआर (प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने का जिम्मा दिया गया था। एजेंसी ने हाल ही में रिपोर्ट नगर निगम को सौंपी है। इसमें मौके पर उपलब्ध जमीन पर कुल 110 आवास बनाने की योजना है।रिपोर्ट के अनुसार इनके निर्माण पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नगर निगम के अनुसार केंद्र सरकार से इस योजना के लिए 12.75 करोड़ रुपये मिलने हैं।
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सरकार को भेजी थी रिपोर्ट
नगर निगम ने इस योजना की रिपोर्ट सरकार को भी भेजी थी। इसमें योजना को पूरा करने के लिए बजट की मांग की गई थी। शहरी विकास विभाग ने नगर निगम को ही इसके लिए बजट का इंतजाम करने को कहा है। विभाग की ओर से निगम को बजट जुटाने के सुझाव भी दिए हैं। नगर निगम को मौके पर कुछ अन्य फ्लैट बनाकर बेचने को कहा गया था ताकि इस योजना के लिए पैसों का इंतजाम हो सके। इस पर निगम का कहना है कि मौके पर नगर निगम की और जमीन नहीं है, जिस पर अन्य फ्लैट बनाए जा सकें। ऐसे में अब विकल्प है कि 110 में से 55 आवास तैयार कर उन्हें बेचा जाए। इससे होने वाली आय से गरीबों के लिए आवासों का निर्माण किया जाए। फिलहाल इस संबंध में नगर निगम शहरी विकास विभाग के पत्र का जवाब तैयार कर रहा है। जल्द ही आधे आवास बेचने और योजना के लिए बजट जुटाने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। नगर निगम आयुक्त सचिन कंवल ने कहा कि ढली में गरीबों के आवास बनाने को लेकर पीपीआर तैयार कर ली गई है। इस पर शहरी विकास विभाग की ओर से कुछ सुझाव मिले हैं, जिनका जवाब तैयार किया जा रहा है।
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