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स्कूल खुले पर बच्चों को नहीं मिलीं अभी किताबें

Mon, 15 Feb 2016 11:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 15 Feb 2016 11:14 PM IST
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free books in govt schools of himachal pradesh.

प्रदेश के शीतकालीन छुट्टियों वाले स्कूल दस फरवरी से खुल गए हैं लेकिन इन स्कूलों में अभी तक मुफ्त किताबों की सप्लाई नहीं पहुंची है। पर्याप्त बजट होने के बावजूद स्कूलों में किताबें नहीं मिलने के चलते स्कूलों में पढ़ाई शुरू नहीं हो पा रही है। स्कूली बच्चे और शिक्षक गपशप मारकर ही घरों को लौट रहे हैं।

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राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजना बेपरवाह अफसरशाही के चलते फ्लाप होती दिख रही है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड पर प्रदेश में पहली से आठवीं कक्षा तक मुफ्त किताबों की सप्लाई मुहैया करवाने का जिम्मा है। पहली जनवरी से इन स्कूलों में छुट्टियों पड़ी थी।
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बीच के 45 दिन नई किताबों का इंतजाम करने के लिए काफी थे लेकिन अफसरों की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते स्कूली बच्चों को अभी तक किताबें नहीं मिल पाई हैं। स्कूल खुलने के पांच दिन बाद भी पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब तीन लाख बच्चों को मुफ्त में किताबें उपलब्ध करवाई जानी हैं।
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किताबों की खरीद के लिए केंद्र सरकार सर्व शिक्षा अभियान के तहत बजट उपलब्ध करवाती है। इस बजट को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को दिया जाता है। निदेशालय ने किताबों की खरीद का जिम्मा राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड को दिया है। बोर्ड द्वारा किताबों की खरीद कर जिलों में स्थित डिपो तक किताबें पहुंचाई जाती है।

डिपो के प्रभारी द्वारा उपनिदेशकों को पत्र जारी कर किताबें आने की जानकारी दी जाती है। जिला उपनिदेशक सभी स्कूलों को पत्र जारी कर डिपो से किताबें एकत्र करने को कहते हैं लेकिन सूबे में अभी तक यह प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। बीते साल भी बोर्ड ने तय समय पर किताबों की सप्लाई नहीं की थी।


शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, रामपुर, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा, लाहौल स्पीति में शीतकालीन छुट्टियों वाले स्कूल स्थित हैं। स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव विनय धीमान ने बताया कि बोर्ड ने किताबों की सप्लाई डिपूओं में पहुंचा दी है। डिपो से किताबें स्कूल प्रभारियों ने एकत्र करनी है। सभी जिलों से किताबों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मंगवाई जाएगी।

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