किसानों से ठगी, तय से ज्यादा रेट पर बेचे करोड़ों के कृषि उपकरण
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हिमाचल में कृषि उपकरणों की खरीद पर किसानों से ठगी हुई है। तय से ज्यादा रेट पर किसानों को करोड़ों रुपये के कृषि उपकरण बेचे गए। यह मामला पॉवर टिलरों, वीडरों, ब्रश कटर आदि की खरीद का है। इनमें से ज्यादातर मशीनरी चीन, जापान, इटली आदि देशों से आयातित हुई है।
इस मामले के उजागर होने पर कृषि विभाग ने प्रदेश के लगभग 45 डीलरों को इस अनियमितता पर स्पष्टीकरण देने को व्यक्तिगत तौर पर कृषि विभाग के शिमला स्थित कार्यालय में तलब किया गया है। इसके अलावा 500 से ज्यादा डीलर राडार पर हैं।
कृषि विभाग ने सूचीबद्ध कंपनियों के निर्धारित दाम तय कर रखे हैं। केवल इन्हीं कंपनियों की मशीनरी की खरीद पर सब्सिडी जारी हो रही है। पिछले दिनों कृषि महकमे के कुछ अधिकारियों के ध्यान में यह अनियमितता आई तो 45 डीलरों से स्पष्टीकरण मांग लिया गया।
इसके बावजूद अभी तक कुछ एक डीलरों ने ही स्थिति स्पष्ट की है। बाकी को दोबारा नोटिस देने की तैयारी है। इनमें ज्यादातर डीलर शिमला जिले के हैं। कृषि विभाग को संदेह है कि बाकी जिलों में भी यही स्थिति है।
प्रदेश भर में सूचीबद्ध कंपनियों की संख्या 40 के आसपास है, जबकि इनके डीलरों की संख्या 500 से अधिक है। निदेशक कृषि विभाग डा. आरके कौंडल ने कहा कि जहां गड़बड़ी हुई है, वहां कार्रवाई होगी।
ऐसे हुआ गड़बड़झाला
एक जैसे ब्रश कटर को किसी डीलर ने 22 हजार में तो किसी ने 25 हजार रुपये में बेचा। पॉवर वीडर को किसी किसान को 65 हजार तो किसी को 80 हजार रुपये में बेचा। यही हाल पॉवर टिलर और ट्रैक्टरों की खरीद के भी बताए जा रहे हैं।
इस तरह से जारी की जाती है सब्सिडी
राज्य सरकार का कृषि विभाग सूचीबद्ध कंपनियों के अधिकृत डीलरों से ही कृषि उपकरणों की खरीद पर सब्सिडी जारी करता है। इन कृषि उपकरणों की कीमत की 50 प्रतिशत सब्सिडी ही देय है।
ब्रश कटर पर अधिकतम सब्सिडी 10 हजार और पॉवर वीडर पर 25 हजार रुपये है। आठ होर्स पॉवर से कम पॉवर टिलर पर यह 65 हजार रुपये और इससे अधिक क्षमता वाले पॉवर टिलर पर 85 हजार रुपये है। टैक्टर पर अधिकतम तीन लाख रुपये दी जाती है।