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Shimla News: सेब खरीद में बागवान से धोखाधड़ी, अब कंपनी को ब्याज समेत अदायगी के आदेश
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जुब्बल के बागवान से एआर ट्रांसमिशन ने खरीदे थे सेब, तीन लाख रुपये का नहीं किया गया था भुगतान
अब नौ फीसदी ब्याज सहित करनी होगी अदायगी
रुचि सांख्यान
शिमला। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सेब बागवान से धोखाधड़ी और बकाया भुगतान न करने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए एआर ट्रांसमिशन प्राइवेट लिमिटेड और उसके जिम्मेदारों को सेवा में कमी तथा अनुचित व्यापार प्रथा का दोषी ठहराया है। आयोग ने कंपनी और संबंधित पक्षों को बागवान को बकाया राशि ब्याज समेत चुकाने के आदेश दिए हैं।
आयोग के आदेश के अनुसार दोषी को बागवान को 3,02,050 रुपये की राशि शिकायत दर्ज करने की तिथि से भुगतान होने तक नौ फीसदी वार्षिक ब्याज दर के साथ सहित देनी होगी। इसके अलावा मानसिक प्रताड़ना और पीड़ा के लिए 30,000 रुपये मुआवजा और मुकदमे के खर्च के लिए 20,000 रुपये अदा करने होंगे। आयोग ने कंपनी और संबंधित पक्षों को संयुक्त और व्यक्तिगत रूप से यह भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। आदेश की प्रति प्राप्त होने के 45 दिन के भीतर सभी निर्देशों का पालन करना होगा। जुब्बल तहसील के राम नगरी गांव निवासी सेब बागवान कलगी राम ने वर्ष 2018 में जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार जुलाई 2017 में एआर ट्रांसमिशन के प्रबंध निदेशक रवि तलवार और स्थानीय एजेंट दुर्गा सिंह शर्मा ने उनके क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान अच्छी कीमत देने का भरोसा देकर उनसे सेब खरीदे गए। बागवान ने 25 और 29 अगस्त 2017 को चालान के जरिये 352 सेब पेटियां कंपनी को सौंपी थीं। इनकी कीमत 4,02,050 रुपये थी। कंपनी ने इसमें से केवल एक लाख रुपये बागवान के खाते में ट्रांसफर किए, जबकि शेष 3,02,050 रुपये का भुगतान नहीं किया। बार-बार चक्कर काटने और सोलन जिले के बद्दी स्थित कोल्ड स्टोर से संपर्क करने के बावजूद जब बागवान को पैसे नहीं मिले तो उन्होंने न्याय के लिए उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
एआर ट्रांसमिशन और रवि तलवार ने संयुक्त दलील में प्रारंभिक आपत्ति दर्ज कराई कि शिकायतकर्ता उपभोक्ता की परिभाषा में नहीं आता। उन्होंने दावा किया कि शिकायतकर्ता से कोई सेब नहीं खरीदा और न ही कोई रसीद जारी की। शिकायतकर्ता की ओर से पेश किए चालान पूरी तरह जाली और मनगढ़ंत हैं। एजेंट दुर्गा सिंह शर्मा ने अपने जवाब में स्वीकार किया कि वह एआर ट्रांसमिशन और रवि तलवार का स्थानीय एजेंट था। दलील दी कि वह केवल कंपनी के प्रतिनिधि के तौर पर बागवानों से सेब एकत्र करने और कीमत तय करवाने का काम करता था, उसने खुद पर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि कंपनी और प्रबंध निदेशक रवि तलवार ने न केवल शिकायतकर्ता के पैसे रोके, बल्कि उसके बकाया का भी भुगतान नहीं किया। आरोप लगाया कि कोल्ड स्टोर में रखे सेब बेचकर कंपनी और प्रबंध निदेशक ने उसके साथ भी धोखाधड़ी की। आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह और सदस्य निधि शर्मा की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद पाया कि कंपनी ने सेब की फसल खरीदने के बावजूद उसका पूरा भुगतान नहीं किया। आयोग ने इसे स्पष्ट रूप से सेवा में कमी माना।
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अब नौ फीसदी ब्याज सहित करनी होगी अदायगी
रुचि सांख्यान
शिमला। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सेब बागवान से धोखाधड़ी और बकाया भुगतान न करने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए एआर ट्रांसमिशन प्राइवेट लिमिटेड और उसके जिम्मेदारों को सेवा में कमी तथा अनुचित व्यापार प्रथा का दोषी ठहराया है। आयोग ने कंपनी और संबंधित पक्षों को बागवान को बकाया राशि ब्याज समेत चुकाने के आदेश दिए हैं।
आयोग के आदेश के अनुसार दोषी को बागवान को 3,02,050 रुपये की राशि शिकायत दर्ज करने की तिथि से भुगतान होने तक नौ फीसदी वार्षिक ब्याज दर के साथ सहित देनी होगी। इसके अलावा मानसिक प्रताड़ना और पीड़ा के लिए 30,000 रुपये मुआवजा और मुकदमे के खर्च के लिए 20,000 रुपये अदा करने होंगे। आयोग ने कंपनी और संबंधित पक्षों को संयुक्त और व्यक्तिगत रूप से यह भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। आदेश की प्रति प्राप्त होने के 45 दिन के भीतर सभी निर्देशों का पालन करना होगा। जुब्बल तहसील के राम नगरी गांव निवासी सेब बागवान कलगी राम ने वर्ष 2018 में जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार जुलाई 2017 में एआर ट्रांसमिशन के प्रबंध निदेशक रवि तलवार और स्थानीय एजेंट दुर्गा सिंह शर्मा ने उनके क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान अच्छी कीमत देने का भरोसा देकर उनसे सेब खरीदे गए। बागवान ने 25 और 29 अगस्त 2017 को चालान के जरिये 352 सेब पेटियां कंपनी को सौंपी थीं। इनकी कीमत 4,02,050 रुपये थी। कंपनी ने इसमें से केवल एक लाख रुपये बागवान के खाते में ट्रांसफर किए, जबकि शेष 3,02,050 रुपये का भुगतान नहीं किया। बार-बार चक्कर काटने और सोलन जिले के बद्दी स्थित कोल्ड स्टोर से संपर्क करने के बावजूद जब बागवान को पैसे नहीं मिले तो उन्होंने न्याय के लिए उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
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एआर ट्रांसमिशन और रवि तलवार ने संयुक्त दलील में प्रारंभिक आपत्ति दर्ज कराई कि शिकायतकर्ता उपभोक्ता की परिभाषा में नहीं आता। उन्होंने दावा किया कि शिकायतकर्ता से कोई सेब नहीं खरीदा और न ही कोई रसीद जारी की। शिकायतकर्ता की ओर से पेश किए चालान पूरी तरह जाली और मनगढ़ंत हैं। एजेंट दुर्गा सिंह शर्मा ने अपने जवाब में स्वीकार किया कि वह एआर ट्रांसमिशन और रवि तलवार का स्थानीय एजेंट था। दलील दी कि वह केवल कंपनी के प्रतिनिधि के तौर पर बागवानों से सेब एकत्र करने और कीमत तय करवाने का काम करता था, उसने खुद पर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि कंपनी और प्रबंध निदेशक रवि तलवार ने न केवल शिकायतकर्ता के पैसे रोके, बल्कि उसके बकाया का भी भुगतान नहीं किया। आरोप लगाया कि कोल्ड स्टोर में रखे सेब बेचकर कंपनी और प्रबंध निदेशक ने उसके साथ भी धोखाधड़ी की। आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह और सदस्य निधि शर्मा की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद पाया कि कंपनी ने सेब की फसल खरीदने के बावजूद उसका पूरा भुगतान नहीं किया। आयोग ने इसे स्पष्ट रूप से सेवा में कमी माना।
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