Shimla: कालका-शिमला रेलमार्ग पर पहली ट्रेन के चार स्टॉपेज खत्म, यात्री परेशान
कालका-शिमला एक्सप्रेस 52457 ट्रेन के चार स्टेशनों पर स्टॉपेज नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलमार्ग पर चलने वाली कालका-शिमला एक्सप्रेस 52457 ट्रेन के चार स्टेशनों पर स्टॉपेज नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यह ट्रेन कालका से सुबह 03:45 बजे चलती है और शिमला स्टेशन पर सुबह 08:55 बजे पहुंचती है। इस बीच इस ट्रेन को कनोह, कैथलीघाट, शोघी, तारादेवी स्टेशन पर नहीं रोका जा रहा है। इन स्टेशनों पर ट्रेन में सफर करने में लोगों की भारी भीड़ रहती है। ट्रेन न रुकने से अब लोगों को बसों में आवाजाही करनी पड़ रही है। वहीं कनोह स्टेशन से सड़क सात किलोमीटर दूर है। ट्रेन न रुकने से लोगों को पैदल आवाजाही कर बस में सफर करना पड़ रहा है। कनोह के स्थानीय निवासी दिनेश कुमार, लेखराम, राजेश कुमार, सुषमा, पूर्ण चंद, रामलाल, किरन, पवन, कृष्णा, आयुष, कांता देवी ने बताया कि रेलवे की ओर से अचानक लिए गए इस फैसले से ट्रेन में आवाजाही करने वाले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इन चार स्टेशनों से पहली ट्रेन से लोग प्रशासनिक कार्यों के लिए शिमला आते थे। इसके साथ ही कॉलेज, स्कूली बच्चे, नौकरीपेशा लोग, सब्जी-दूध की सप्लाई लेकर भी पहली ट्रेन से लोग शिमला पहुंचते थे, लेकिन ट्रेन न रुकने से अब बसों में आवाजाही करनी पड़ रही है। इसके साथ ही कनोह स्टेशन से सड़क सात किलोमीटर की दूरी पर है। अब लोगों को पैदल चलकर सड़क तक पहुंचना पड़ रहा है। इसके बाद बस में सफर करना पड़ता है। इससे उनका काफी समय व्यर्थ होता है। समय पर शिमला नहीं पहुंच पाते हैं। कनोह पंचायत प्रधान ने कनोह स्टेशन पर ट्रेन का स्टॉपेज करने के लिए उत्तरीय रेलवे मजूदर यूनियन के अंबाला मंडल अध्यक्ष के माध्यम से रेलवे प्रबंधन को मांग पत्र भेजा है।
उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन अंबाला मंडल के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि कालका से शिमला के लिए आने वाली पहली ट्रेन 52457 कनोह, कैथलीघाट, तारादेवी और शोघी स्टेशन पर न रुकने के चलते लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि यहां पहली ट्रेन से शिमला जाने के लिए लोगों की भारी भीड़ रहती है। टकसाल, गुम्मन, सनवारा स्टॉपेज पर ट्रेन के स्टॉपेज हैं लेकिन इन स्टेशनों पर टिकट नहीं बिकती है। उन्होंने कहा कि पहले इन स्टेशनों पर ट्रेन रोकी जाती थी, लेकिन आपदा के बाद स्टॉपेज खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कनोह पंचायत प्रधान और स्थानीय निवासियों ने शिमला दौरे के दौरान उनके पास रेलवे प्रबंधन को स्टॉपेज रखने के लिए मांगपत्र भेजा है। रेलवे प्रबंधन के आगे लोगों की समस्या रखी जाएगी।
रेलवे को लोगों की ओर से ट्रेन के स्टॉपेज संबंधी कोई मांग नहीं आई है। अगर स्टॉपेज के लिए लोगों की मांग आती है तो समाधान किया जाएगा। -नवीन कुमार, वाणिज्य प्रबंधक अधिकारी, अंबाला मंडल