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जानवर के हमले से मौत पर बढ़ सकता है मुआवजा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 04 Sep 2018 11:57 AM IST
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जंगली जानवर के हमले में मरने वालों के परिवारों को वन विभाग से आने वाले समय में चार लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। विभाग ने प्रदेश सरकार को इसका प्रस्ताव भेजा है।
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मुआवजा देने की प्रक्रिया को भी सरल करने के लिए भी प्रस्ताव किया गया है। विभाग के प्रस्ताव पर वित्त विभाग मंथन कर रहा है। वित्त की मंजूरी मिलते ही मुआवजा राशि में बदलाव हो जाएगा।
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तीन चौथाई वन आवरण वाले हिमाचल में बड़ी संख्या में जंगली जानवर हैं। इन जंगलों में रहने वाले भालू, तेंदुए से लेकर अन्य तरह के जंगली जानवरों के हमलों में हर साल कई लोगों की मौत हो जाती है।
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विभाग ने इसलिए लिया फैसला
जबकि राजस्व विभाग की ओर से ऐसी ही घटना पर चार लाख रुपये मुआवजा दिया जाता है। मुआवजे को लेकर इतने बड़े अंतर की वजह से मृतक के परिजनों और विभागीय अधिकारियों के बीच कुछ मामलों में विवाद तक हो चुका है।
विभाग ने इसी अंतर को खत्म करने के लिए अब जंगली जानवर के हमले से मौत होने पर मुआवजा चार लाख करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। पीसीसीएफ वन्यजीव आरसी कंग ने बताया कि वित्त विभाग की मंजूरी मिलने के बाद मुआवजा राशि बढ़ने के साथ ही उसके लिए आवेदन करने की प्रक्रिया भी सरल हो जाएगी।
विभाग ने इसी अंतर को खत्म करने के लिए अब जंगली जानवर के हमले से मौत होने पर मुआवजा चार लाख करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। पीसीसीएफ वन्यजीव आरसी कंग ने बताया कि वित्त विभाग की मंजूरी मिलने के बाद मुआवजा राशि बढ़ने के साथ ही उसके लिए आवेदन करने की प्रक्रिया भी सरल हो जाएगी।