फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Former Shimla SSP Sanjeev Kumar Gandhi Fraud Case Over Constable Payment

हिमाचल: आईपीएस संजीव कुमार गांधी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज, कांस्टेबल के भुगतान में अनियमितता के आरोप

Thu, 22 Oct 2026 04:00 PM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Thu, 22 Oct 2026 04:00 PM IST
सार

शिमला के तत्कालीन एसएसपी संजीव कुमार गांधी के खिलाफ कांस्टेबल की स्वीकृत राशि का भुगतान नहीं करने और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। 

विज्ञापन
Former Shimla SSP Sanjeev Kumar Gandhi Fraud Case Over Constable Payment
आईपीएस अधिकारी संजीव गांधी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

शिमला के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी के खिलाफ एक पुलिस कांस्टेबल के साथ कथित धोखाधड़ी और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस थाना सदर में 22 अक्तूबर 2026 को अभियोग संख्या 138/2026 दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5), 314, 318, 336 और 340 के तहत कार्रवाई की गई है। आरोप है कि कांस्टेबल ने सरकारी कार्यों की व्यवस्था के लिए अपनी जेब से 1,87,890 रुपये खर्च किए थे, लेकिन बिल स्वीकृत होने के बावजूद उसे भुगतान नहीं किया गया।
विज्ञापन
Trending Videos

पुलिस लाइन कैथू में तैनात कांस्टेबल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि वर्ष 2024 और 2025 के दौरान उसे सरकारी कार्यों और व्यवस्थाओं के लिए जरूरी सामान जुटाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके लिए उसे आश्वस्त किया गया था कि खर्च की गई राशि का बाद में भुगतान कर दिया जाएगा। कांस्टेबल के अनुसार, उसने अपनी जेब से कुल 1,87,890 रुपये खर्च कर आवश्यक व्यवस्थाएं कीं। इसके बाद संबंधित बिल कार्यालय में जमा करवाए गए, जिन्हें जांच के बाद भुगतान के लिए स्वीकृति भी मिल गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वाउचर पर हस्ताक्षर करवाने का आरोप
शिकायतकर्ता के आरोपों के अनुसार, छह फरवरी 2026 को तत्कालीन एसएसपी संजीव कुमार गांधी ने उसे अपने पास बुलाया और भुगतान से संबंधित वाउचर पर हस्ताक्षर करवाए। उसे बताया गया कि भुगतान प्रक्रिया पूरी करने के लिए हस्ताक्षर जरूरी हैं और स्वीकृत राशि उसे मिल जाएगी। हालांकि, आरोप है कि हस्ताक्षर करवाने के बावजूद उसे राशि का भुगतान नहीं किया गया।
विज्ञापन

जुलाई 2026 में शिकायत करने के बाद कांस्टेबल ने कार्यालय की अकाउंट ब्रांच से जानकारी जुटाई। इस दौरान उसे पता चला कि संबंधित राशि फंड से निकाली जा चुकी थी, लेकिन उसके खाते में जमा नहीं हुई। इसके चलते उसे अपनी देनदारियां चुकाने के लिए निजी संसाधनों से धन की व्यवस्था करनी पड़ी।

फंड से 2.35 लाख रुपये की निकासी की जांच
शिकायत मिलने के बाद संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की गई। जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, जिला पुलिस के एक फंड से करीब दो वर्षों के दौरान कुल 2.35 लाख रुपये की कथित अवैध निकासी हुई थी। आरोप है कि इस राशि का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया, इसका विवरण उपलब्ध नहीं है। इससे फंड में धन की कमी होने की बात सामने आई।

रिकॉर्ड के अनुसार, संजीव कुमार गांधी का एसएसपी शिमला के पद से कार्मिक विभाग में स्थानांतरण होने के दौरान फंड में हुई कमी को पूरा करने के लिए कांस्टेबल के बिलों की स्वीकृत राशि संबंधित फंड के खाते में स्थानांतरित कर दी गई। आरोप है कि कांस्टेबल को भुगतान करने के बजाय यह राशि फंड में जमा करवाई गई, जिससे वह अपनी स्वीकृत राशि से वंचित रह गया। प्रथम दृष्टया वित्तीय रिकॉर्ड की जांच में धोखाधड़ी, सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और दस्तावेजों से संबंधित अनियमितताओं के तथ्य सामने आने के बाद मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है।

मामले पर आईपीएस अधिकारी संजीव गांधी से फोन पर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो पाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed