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Shimla: रिश्वत मामले में फंसे पूर्व स्वास्थ्य निदेशक ने विजिलेंस के पास किया आत्मसमर्पण
Thu, 02 Feb 2023 10:58 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 02 Feb 2023 10:58 PM IST
सार
रिश्वत के मामले में फंसे स्वास्थ्य विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. अजय कुमार गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद गुरुवार को विजिलेंस दफ्तर में आत्मसमर्पण कर दिया।
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गिरफ्तार(सांकेतिक)
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कोरोनाकाल के दौरान आवश्यक एबीजी मशीनों व अन्य सामग्री की खरीद-फरोख्त में रिश्वत के मामले में फंसे स्वास्थ्य विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. अजय कुमार गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद गुरुवार को विजिलेंस दफ्तर में आत्मसमर्पण कर दिया। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जिला अदालत चक्कर में पेश किया, जहां से डॉ. गुप्ता को 4 फरवरी तक रिमांड पर भेजा गया है। गुप्ता पर मशीनों की खरीद करने के लिए 4.25 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। बीते वर्ष हिमाचल प्रदेश में यह घोटाला सामने आया था।
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इस दौरान एक ऑडियो भी वायरल हुआ था। इसमें दो लोगों की बातचीत हुई थी, जिसमें लाखों रुपये लेने की बात कही जा रही थी। ऑडियो के अंत में पांच लाख रुपये देने की बात हुई थी। जिस समय घोटाले के आरोप लगे थे, उस समय हिमाचल में जयराम सरकार थी। उन्होंने इस मामले में जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद इसकी जांच विजिलेंस को सौंपी गई थी। जांच में गुप्ता को दोषी पाया गया था। यह भी पाया गया कि आरोपी ने जीवन रक्षक मशीनें खरीदने के लिए 30 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी। इस राशि में उसने 85 हजार रुपये प्रति मशीन कमीशन तय की थी। विजिलेंस ने आरोपी के खिलाफ रिश्वत लेने के पुख्ता सबूत जमा किए और 17 सितंबर 2022 को प्राथमिकी दर्ज की थी।
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सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
डॉ. गुप्ता को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिल पाई थी। शीर्ष अदालत ने गुप्ता की याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने स्पष्ट किया था कि आरोपी आत्मसमर्पण करता है और नियमित जमानत के लिए आवेदन करता है तो उसकी याचिका का निपटारा नियमानुसार जल्द किया जाए।
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