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कांग्रेस सरकारों ने कंगाल किया प्रदेश : धूमल
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 07 Jun 2014 11:52 PM IST
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पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कांग्रेस सरकार के मंत्रियों के बयानों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की खराब वित्तीय स्थिति को लेकर न केवल मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह बल्कि उनके मंत्री भी लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
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मंत्रियों के बयान से ऐसा लगता है कि उन्हें तथ्यों की जानकारी नहीं होती और वे किसी और के लिखे बयान को अपने नाम से जारी करवा रहे हैं। धूमल ने कहा कि 13वें वित्तायोग से राज्य सरकार ने कुल 69000 करोड़ की मांग की थी लेकिन प्रदेश का दुर्भाग्य रहा कि केंद्र की कांग्रेस सरकार ने केवल 21692 करोड़ ही हिमाचल को दिए।
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जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें थीं, उन्हें 128 प्रतिशत की अनुदान राशि में वृद्धि की जबकि हिमाचल के लिए ये बढ़ोतरी महज 50 प्रतिशत थी। वर्तमान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह उस समय केंद्र में कैबिनेट मंत्री थे, लेकिन उन्होंने प्रदेश के साथ हुए अन्याय का मामला कभी नहीं उठाया।
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ये भी एक सच्चाई है कि 9वें वित्तायोग के बाद से ही जब कांग्रेस सरकार ने वास्तविक वित्तीय स्थिति को छुपाते हुए सही ढंग से प्रदेश का मामला प्रस्तुत नहीं किया, तब से ही प्रदेश की स्थिति खराब होती गई।
16 महीने में 4500 करोड़ कर्ज लिया सरकार ने
धूमल ने कहा कि 31 दिसंबर, 2012 तक भाजपा सरकार की ओर से उठाया गया कुल कर्ज 6672 करोड़ था और शेष कर्ज कांग्रेस सरकार की ओर से ही वर्ष 2012-13 में उठाया गया था। वर्तमान कार्यकाल के 16 माह में कांग्रेस सरकार 4500 करोड़ कर्ज उठा चुकी है।
कांग्रेस सरकार के कारण ही प्रदेश का विशेष औद्योगिक पैकेज निर्धारित अवधि से पहले समाप्त कर दिया गया। बीबीएमबी से मिलने वाली 4250 करोड़ की राशि भी कांग्रेस सरकार नहीं ले पाई। संसाधन जुटाने के लिए कांग्रेस सरकार ने कभी प्रयास नहीं किए।