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फारेस्ट गार्ड की मौत के बाद जागा विभाग, अब ऐसे होगी जंगल में गश्त
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 15 Jun 2017 10:57 AM IST
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निहत्थे फारेस्ट गार्ड होशियार सिंह की लाश मिलने के छह दिन बाद आखिरकार वन विभाग ने अपनी कार्यशैली में बदलाव की कवायद शुरू की है। बुधवार को शिमला स्थित वन मुख्यालय में वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने विभागीय अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इसमें राज्य वन अराजपत्रित कर्मचारी कल्याण संघ के पदाधिकारी भी शामिल थे।
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बैठक में वन मंत्री ने निर्देश दिए कि अब संवेदनशील बीटों पर वन रक्षक के साथ एक फारेस्ट वर्कर भी गश्त पर जाएगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग हर वन मंडल में दो रिवाल्वर, पिस्टल और बंदूकें उपलब्ध कराएगा। इसके लिए जल्द असलहों की खरीद की जाएगी।
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साथ ही वन कर्मियों को सुरक्षा के लिए खुद असलहा खरीदने को गृह विभाग से लाइसेंस दिलाने के लिए भी प्रयास किया जाएगा। बैठक के दौरान कर्मचारियों ने विभिन्न मांगें रखी जिनको सुनने के बाद मंत्री ने यह निर्देश जारी किए। भरमौरी ने कहा कि हर वन मंडलाधिकारीयों को भी रिवाल्वर दिये जाएंगे।
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उन्होंने यह भी कहा कि वन मंडलाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर जहां आवश्यक होगा वहां नई चैक पोस्ट बनाई जाएगी ताकि वन सम्पदा की अवैध कटान पर रोक लग सके। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि होशियार सिंह की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की जायेगी व दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में संघ के पदाधिकारियों ने मांग की कि उप वन राजिक के साथ वन रक्षकों की टीम एक चौकी के रूप में कार्य करे। इसपर वन मंत्री ने विचार करने के बाद जल्द ही निर्णय लेने की बात कही। बैठक में पीसीसीएफ (हॉफ) एसएस नेगी, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ डा जीएस गोराया, पीसीसीएफ वित्त एसी शर्मा, पीसीसीएफ एडमिन विनीत कुमार के अलावा संघ की ओर से तुलसी राम शर्मा के अलावा कई पदाधिकारी मौजूद थे।