वन रक्षक मामले में सीबीआई ने यहां डाला डेरा, 50-60 लोगों से पूछताछ
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वन रक्षक होशियार सिंह मौत मामले में सीबीआई ने गलजूब जंगल के साथ लगते गांव के लोगों से छठे दिन भी पूछताछ का सिलसिला जारी रखा। मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए सीबीआई ने कतांडा में अपना डेरा जमा लिया है और रोजाना यहां के लोगों से बारीकी से पूछताछ कर रही है।
सीबीआई ने गलजूब के जंगल में पहुंचकर पूछताछ के साथ फोरेंसिक टीम को भी बुलाया था। फोरेंसिक टीम तथ्य जुटाने के बाद शिमला लौट गई, जबकि सीबीआई की टीम कतांडा के गलजुब जंगल में ही डटी है।
छह दिनों में अब तक करीब 50-60 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इसमें तत्कालीन पुलिस टीम व वन विभाग के कर्मचारी व अधिकारी भी शामिल हैं।
सीबीआई ने कुछ दिनों पहले पुलिस के करीब एक दर्जन कर्मचारियों को शिमला पूछताछ के लिए बुलाया था, जो उस समय मौके पर मौजूद थे। इनके बयान भी कलमबद्ध किए गए थे।
यह था मामला
पांच जून को होशियार सिंह कतांडा बीट से लापता हुआ और 6 जून को विभागीय बैठक में नहीं पहुंचा। 7 जून को सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, आठ जून को पुलिस ने लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की।
वन विभाग के कर्मचारियों के साथ संयुक्त टीम गठित कर सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ और 9 जून को एक चरवाहे ने होशियार सिंह की लाश एक पेड़ पर उल्टी लटकी देखी। 11 जून को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
बाद में हत्या की धारा आत्महत्या में बदलने के बाद जन आंदोलन तेज हो गया और लोगों ने सड़कों पर उतरकर धरना प्रदर्शन किया।
जन आक्रोश के बाद पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी टीम गठित की। बाद में मामला सीआईडी के पास चला गया।
इसके बाद हिमाचल हाईकोर्ट ने मामला सीबीआई को देने के आदेश दिए। अब तक इस मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं।