फॉरेस्ट गार्ड केस: पुलिस खामोश, अब फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
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फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत की जांच कर रही मंडी पुलिस किरकिरी कराने के बाद अब बेहद सावधानी बरत रही है। मामले में अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन पुलिस न तो इनसे हुई पूछताछ में मिली जानकारी को सार्वजनिक कर रही है और न ही आधिकारिक रूप से कुछ भी बोल रही है।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने के बाद पुलिस एफएसएल की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। साथ ही इस बात को लेकर भी संतुष्ट होना चाह रही है कि जो नोट और डायरी मिली है उसकी लिखावट वाकई में होशियार की है या नहीं।
इन सभी पहलुओं पर पुलिस बारीकी से काम कर रही है। इस मामले में अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें घनश्याम दास, हेत राम, अनिल कुमार लाब सिंह के अलावा मगरू बीट के बीओ तेज राम और पूर्व फारेस्ट गार्ड गिरधारी लाल शामिल हैं।
डीआईजी आसिफ जलाल करेंगे फॉरेस्ट गार्ड की मौत की तफ्तीश
मंडी के करसोग थाना क्षेत्र में फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह (22) की मौत की उलझी गुत्थी सुलझाने के लिए हिमाचल पुलिस ने काबिल अफसरों में एक आसिफ जलाल को लगा दिया है। स्थानीय पुलिस की जांच पर उठ रहे सवाल और पब्लिक के बीच हो रही किरकिरी के बाद पुलिस मुख्यालय ने यह कदम उठाया है।
आसिफ हाल ही में सीबीआई में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस प्रदेश कैडर में लौटे हैं। उम्मीद की जा रही है कि आसिफ न सिर्फ पुलिस की साख के लिए डैमेज कंट्रोल का काम करेंगे, बल्कि मामले की जांच को भी सही दिशा मिल सकेगी। दरअसल, फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की लाश पेड़ से उल्टी लटकी मिलने के बाद शुरू से ही मंडी पुलिस की जांच सवालों के घेरे में रही है।
शुरू में हत्या का मामला दर्ज करने वाली पुलिस ने जांच आगे बढ़ने पर इसे आत्महत्या में बदल दिया। धाराओं के सपोर्ट में होशियार के हाथों से लिखे कुछ नोट और एक चिट्ठी भी बरामद कर मीडिया के सामने रख दी। पुलिस की इन दलीलों से आला अधिकारी और सरकार में बैठे नेताओं ने इस बात का यकीन कर लिया कि विभागीय प्रताड़ना के चलते होशियार ने सुसाइड कर लिया लेकिन।
इस बात का जवाब खुद पुलिस के पास अब तक नहीं है आखिर आत्महत्या करने वाला होशियार पेड़ पर क्यों चढ़ा और उसकी लाश पेड़ पर उल्टी कैसे लटकी मिली। खास बात यह है कि स्थानीय पुलिस ने बिना वैज्ञानिक आधार के मामले की जांच को हत्या से आत्महत्या की ओर बदल दिया लेकिन, लोगों ने उसकी इस थ्योरी को खारिज कर दिया।
मंगलवार को बड़ी संख्या में लोगों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया। साथ ही सीबीआई जांच की भी मांग उठा दी। चारों ओर से हो रही किरकिरी के बाद पुलिस मुख्यालय ने हालात को भांपते हुए सीबीआई में सेवाएं देकर हाल में लौटे आसिफ जलाल को जांच सौंप दी है।