फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   forest guard case police looking for forensic report

फॉरेस्ट गार्ड केस: पुलिस खामोश, अब फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार

Thu, 15 Jun 2017 10:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 15 Jun 2017 10:57 AM IST
विज्ञापन
forest guard case police looking for forensic report

फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की मौत की जांच कर रही मंडी पुलिस किरकिरी कराने के बाद अब बेहद सावधानी बरत रही है। मामले में अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन पुलिस न तो इनसे हुई पूछताछ में मिली जानकारी को सार्वजनिक कर रही है और न ही आधिकारिक रूप से कुछ भी बोल रही है। 

विज्ञापन


आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने के बाद पुलिस एफएसएल की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। साथ ही इस बात को लेकर भी संतुष्ट होना चाह रही है कि जो नोट और डायरी मिली है उसकी लिखावट वाकई में होशियार की है या नहीं। 
विज्ञापन


इन सभी पहलुओं पर पुलिस बारीकी से काम कर रही है। इस मामले में अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें घनश्याम दास, हेत राम, अनिल कुमार लाब सिंह के अलावा मगरू बीट के बीओ तेज राम और पूर्व फारेस्ट गार्ड गिरधारी लाल शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



डीआईजी आसिफ जलाल करेंगे फॉरेस्ट गार्ड की मौत की तफ्तीश
मंडी के करसोग थाना क्षेत्र में फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह (22) की मौत की उलझी गुत्थी सुलझाने के लिए हिमाचल पुलिस ने काबिल अफसरों में एक आसिफ जलाल को लगा दिया है। स्थानीय पुलिस की जांच पर उठ रहे सवाल और पब्लिक के बीच हो रही किरकिरी के बाद पुलिस मुख्यालय ने यह कदम उठाया है। 

आसिफ हाल ही में सीबीआई में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस प्रदेश कैडर में लौटे हैं। उम्मीद की जा रही है कि आसिफ न सिर्फ पुलिस की साख के लिए डैमेज कंट्रोल का काम करेंगे, बल्कि मामले की जांच को भी सही दिशा मिल सकेगी। दरअसल, फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की लाश पेड़ से उल्टी लटकी मिलने के बाद शुरू से ही मंडी पुलिस की जांच सवालों के घेरे में रही है।

शुरू में हत्या का मामला दर्ज करने वाली पुलिस ने जांच आगे बढ़ने पर इसे आत्महत्या में बदल दिया। धाराओं के सपोर्ट में होशियार के हाथों से लिखे कुछ नोट और एक चिट्ठी भी बरामद कर मीडिया के सामने रख दी। पुलिस की इन दलीलों से आला अधिकारी और सरकार में बैठे नेताओं ने इस बात का यकीन कर लिया कि विभागीय प्रताड़ना के चलते होशियार ने सुसाइड कर लिया लेकिन। 

 

इस बात का जवाब खुद पुलिस के पास अब तक नहीं है आखिर आत्महत्या करने वाला होशियार पेड़ पर क्यों चढ़ा और उसकी लाश पेड़ पर उल्टी कैसे लटकी मिली। खास बात यह है कि स्थानीय पुलिस ने बिना वैज्ञानिक आधार के मामले की जांच को हत्या से आत्महत्या की ओर बदल दिया लेकिन, लोगों ने उसकी इस थ्योरी को खारिज कर दिया। 

 

मंगलवार को बड़ी संख्या में लोगों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया। साथ ही सीबीआई जांच की भी मांग उठा दी। चारों ओर से हो रही किरकिरी के बाद पुलिस मुख्यालय ने हालात को भांपते हुए सीबीआई में सेवाएं देकर हाल में लौटे आसिफ जलाल को जांच सौंप दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed