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वन विभाग ने बंदरों की समस्या से बचने का निकाला अब ये तरीका

Sun, 09 Sep 2018 02:09 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 09 Sep 2018 02:09 PM IST
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Forest department plan for monkeys problem in Himachal Pradesh

बंदरों की नसबंदी से लेकर वर्मिन घोषित करने के बावजूद समस्या दूर न होने के बाद अब वन विभाग बंदरों को आबादी से भगाने के लिए परंपरागत तरीके अपनाने की तैयारी में है। विभाग अब पंचायत स्तर पर लोगों को जागरूक करेगा कि वह डुगडुगी बजाकर सामूहिक प्रयास कर बंदरों को भगाए।

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इसके लिए विभाग के अधिकारी लोगों के साथ बैठक कर जागरूकता अभियान चलाएंगे। साथ ही लोगों को बंदर मारने के लिए विभाग की ओर से दिए जाने वाले प्रोत्साहन की भी जानकारी देंगे। इसमें अगर लोगों ने रुचि दिखाई तो विभाग बंदरों को मारने में उनकी परोक्ष रूप से मदद भी करेंगे।

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Forest department plan for monkeys problem in Himachal Pradesh

दरअसल, बंदरों के वर्मिन घोषित होने के बावजूद शिमला समेत कुल 38 तहसीलों व उप तहसीलों में सिर्फ पांच बंदरों के ही मारे जाने की आधिकारिक रूप से पुष्टि हुई है। चूंकि, विभाग ने बंदर मारने की जानकारी व उसके बाद मिलने वाली प्रोत्साहन राशि देने की प्रक्रिया ही बेहद जटिल कर दी है।

ऐसे में लोग बंदर मारने से भी कतरा रहे हैं और अगर गलती से मार भी दें तो वह विभाग को जानकारी नहीं दे रहे। इसके अलावा धार्मिक आस्था भी बंदरों को मारने में आड़े आ रही है।

ऐसे में अब विभाग ने परंपरागत तरीका अपनाने की कोशिश शुरू की है। उधर, पीसीसीएफ आरसी कंग ने कहा कि जब तक आम लोगों की सहभागिता नहीं होगी, तब तक इस समस्या से पूरी तरह निजात पाना संभव नहीं है।

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