Bilaspur News: बरमाणा में सीमेंट प्लांट बंद होने से 300 गोवंश के चारे का संकट
एसीसी बरमाणा सीमेंट प्लांट बंद होने के कारण धार टटोह गोशाला के 300 से अधिक गोवंश पर भी चारे का संकट आ गया है। इस गोशाला का संचालन पूरी तरह से द बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा (बीडीटीएस) की ओर से किया जाता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के एसीसी बरमाणा सीमेंट प्लांट बंद होने के कारण धार टटोह गोशाला के 300 से अधिक गोवंश पर भी चारे का संकट आ गया है। इस गोशाला का संचालन पूरी तरह से द बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा (बीडीटीएस) की ओर से किया जाता है। प्रति चक्कर ट्रक ऑपरेटर गोशाला के लिए 20 रुपये की पर्ची कटवाते हैं। लेकिन अब प्लांट बंद होने से 27 दिनों से 3,800 ट्रकों के पहिये थमे हुए हैं। बीडीटीएस के प्रधान राकेश ठाकुर ने बताया कि गोशाला में चारा, पानी, और पशुओं के लिए दवाइयों की व्यवस्था इसी पैसे से होती है। गोशाला में कार्य करने वाले कर्मचारियों को भी इसी से वेतन दिया जाता है।
यदि प्लांट इसी तरह बंद रहा तो ट्रक भी नहीं चलेंगे। ऐसे में गोशाला के लिए पैसे नहीं आएंगे। बिना चारे के गोवंश भूखा मर जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि इस मामले पर शीघ्र निर्णय ले। अदाणी समूह की ओर से घाटे का हवाला देकर 14 दिसंबर को प्लांट को आगामी आदेशों तक बंद कर दिया गया है। लाखों लोगों के रोजगार पर इससे संकट आ गया है। उल्लेखनीय है कि सीमेंट प्लांट बंद होने से इससे जुड़े ढाबे, दुकानें, सब्जी वाले, पेट्रोल पंप, स्पेयर पार्ट और मैकेनिक का काम करने वाले सैकड़ों लोग भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।