मौसम बना बाधा: सीएम जयराम का लाहौल दौरा रद्द, 241 पर्यटक भी नहीं हुए एयरलिफ्ट

अमर उजाला नेटवर्क, मंडी/सुंदरनगर/केलांग (लाहौल-स्पीति) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 30 Jul 2021 08:03 PM IST

सार

सुंदरनगर में प्रेस वार्ता में सीएम ने कहा कि लाहौल में फंसे 241 लोगों को सुरक्षित निकालने के पूरे प्रयास हो रहे हैं। फंसे लोगों को जल्द निकालने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
सुंदरनगर में प्रेसवार्ता करते सीएम जयराम ठाकुर।
सुंदरनगर में प्रेसवार्ता करते सीएम जयराम ठाकुर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में बाढ़ आने से फंसे 241 लोगों को रेस्क्यू करने में मौसम बाधा बना है। शुक्रवार सुबह खराब मौसम के कारण हेलीकाप्टर चंडीगढ़ से बचाव कार्य के लिए लाहौल के लिए उड़ान नहीं भर सका। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का लाहौल के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भी रद्द कर दिया गया। वहीं, केलांग-उदयपुर सड़क पर शांशा नाले पर भारी बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल के चलते उदयपुर की तरफ फंसे करीब 150 लोगों को अस्थायी पैदल पुल बनाकर रेस्क्यू किया गया।
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मुख्यमंत्री ने शुक्रवार सुबह आठ बजे सुंदरनगर से लाहौल-स्पीति जाना था। सुंदरनगर में प्रेस वार्ता में सीएम ने कहा कि लाहौल में फंसे 241 लोगों को सुरक्षित निकालने के पूरे प्रयास हो रहे हैं। वह खराब मौसम के चलते लाहौल नहीं जा पाए, लेकिन लगातार राहत कार्य की समीक्षा की जा रही है। फंसे लोगों को जल्द निकालने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने खराब मौसम के अलर्ट को लेकर जारी एडवाइजरी पर पर्यटकों से अपील की है कि वे ऐसी जगह न जाएं, जहां भूस्खलन और बाढ़ की आशंका है।


उन्होंने प्रदेश में आपदा के कारण हुई मौतों पर शोक जताया। उन्होंने बताया कि लोगों को निकालने के लिए चंडीगढ़ में सरकार का नया चॉपर तैयार है। मौसम साफ होते हुए फंसे पर्यटकों को निकाला शुरू कर देंगेा। उधर, कुल्लू और लाहौल में लापता लोगों का चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं लगा। जनजातीय जिला लाहौल के तोंजिंग और कुल्लू के ब्रह्मगंगा नाले में आई बाढ़ में लापता लोगों को तलाशने के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। एनडीआरएफ, बीआरओ, पुलिस, होमगार्ड  जवानों के साथ स्थानीय लोग भी डटे हुए हैं।

अस्थायी पैदल पुल बनाकर 150 लोगों को शांशा नाले से किया रेस्क्यू 
केलांग-उदयपुर सड़क पर शांशा नाले पर भारी बाढ़ से हुए क्षतिग्रस्त पुल के चलते उदयपुर की तरफ फंसे करीब 150 लोगों को अस्थायी पैदल पुल बनाकर रेस्क्यू किया गया। इनमें कुछ पर्यटक भी शामिल रहे। इन्हें रेस्क्यू कर किरतिंग पहुंचा दिया गया है। किरतिंग से आगे सड़क आवाजाही के लिए बहाल है। रेस्क्यू लोगों को एचआरटीसी बस में केलांग भेजा गया। जहां से ये अपने गंतव्यों की तरफ निकलना शुरू हो गए हैं।

शुक्रवार दोपहर तक चले इस पूरे अभियान की निगरानी स्वयं तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने की। उन्होंने कहा कि आपदा के समय जवानों द्वारा किया गया कार्य काबिलेतारीफ है। शांशा पुल तक की क्षतिग्रस्त सड़क को मशीनरी के माध्यम से जल्द दुरुस्त करके बहाल किया जा रहा है। सड़क और पुलों की बहाली की निगरानी की जा रही है, जिससे आवाजाही शुरू हो सके।

पंजाब के 15, दिल्ली के चार, यूपी के दो पर्यटक फंसे हैं घाटी में 
लाहौल में बाढ़ आने से हरियाणा के दो, हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के 9, चंबा के 12, हमीरपुर का एक, कांगड़ा के 60 कुल्लू के 123, मंडी के 51, शिमला के 3 सिरमौर व सोलन के दो-दो लोग फंसे हैं। झारखंड, कर्नाटक, लद्दाख के भी एक-एक, महाराष्ट्र के दो, दिल्ली के चार, उड़ीसा के तीन, पंजाब के 15, उतर प्रदेश के 2 पर्यटक हैं।

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