{"_id":"67ebfbde9556fa593a0cada4","slug":"five-pg-courses-will-start-from-the-new-session-in-kotshera-college-shimla-news-c-19-sml1001-510665-2025-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: कोटशेरा कॉलेज में नए सत्र \nसे शुरू होंगे पांच पीजी कोर्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: कोटशेरा कॉलेज में नए सत्र से शुरू होंगे पांच पीजी कोर्स
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कॉलेज ने शिक्षा विभाग को भेजा प्रस्ताव
राजनीति विज्ञान, इंग्लिश, अर्थशास्त्र में एमए
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला के सबसे बेहतर ढांचागत सुविधाओं वाले कॉलेजों में गिने जाने वाले राजीव गांधी महाविद्यालय कोटशेरा में नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 से पीजी (एमए) कोर्स शुरू करने की तैयारी है। कुछ दिन पहले कॉलेज के वार्षिक समारोह में आए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राजनीति विज्ञान, इंग्लिश और अर्थशास्त्र में एमए डिग्री शुरू करने की मांग को मान कर इसकी घोषणा की थी। इस पर कॉलेज प्रशासन ने शिक्षा विभाग के माध्यम से कॉलेज में पांच पीजी कोर्स को शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए सरकार को भेज दिया है। इन कोर्स में अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी, इतिहास और एमकॉम का बैच बिठाने की अनुमति मांगी गई है। कॉलेज में इन कोर्स को शुरू करना राजधानी के अन्य कॉलेजों की तुलना में आसान होगा, कारण कॉलेज में पर्याप्त ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध हैं।
यहां से शिफ्ट हुए जवाहर लाल नेहरू ललित कला महाविद्यालय के बाद से अतिरिक्त क्लास रूम उपलब्ध हैं। कॉलेज में पीजी कोर्स को चलाने और पढ़ाने के लिए प्रवक्ता भी हैं। इंग्लिश में सात में से छह शिक्षक सेवारत हैं, अर्थशास्त्र में स्वीकृत दोनों पद, कामर्स में चारों स्वीकृत सीटें और इतिहास की तीन में से तीनों सीटें भरी हुई हैं। कॉलेज का प्रयास है कि नए शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र से ही कम से कम बीस से तीस पीजी कोर्स की सीटों का बैच शुरू हो जाए।
जल्द करवाया जाएगा निरीक्षण : डॉ. चौहान
कॉलेज प्राचार्य डाॅ. गोपाल चौहान ने कहा कि शिक्षा विभाग के माध्यम से पीजी कोर्स को कॉलेज में शुरू करने का प्रस्ताव सरकार की मंजूरी के लिए भेजा है। वहां से मंजूरी मिलने पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की टीम को निरीक्षण के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद ही विवि बैच बैठाने के लिए संबद्धता और मंजूरी देगा। कॉलेज में वर्तमान में स्नातक डिग्री कोर्स, पीजीडीसीए जैसे कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। यहां छात्रों की वर्तमान में तीन हजार से अधिक संख्या है।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजनीति विज्ञान, इंग्लिश, अर्थशास्त्र में एमए
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला के सबसे बेहतर ढांचागत सुविधाओं वाले कॉलेजों में गिने जाने वाले राजीव गांधी महाविद्यालय कोटशेरा में नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 से पीजी (एमए) कोर्स शुरू करने की तैयारी है। कुछ दिन पहले कॉलेज के वार्षिक समारोह में आए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राजनीति विज्ञान, इंग्लिश और अर्थशास्त्र में एमए डिग्री शुरू करने की मांग को मान कर इसकी घोषणा की थी। इस पर कॉलेज प्रशासन ने शिक्षा विभाग के माध्यम से कॉलेज में पांच पीजी कोर्स को शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए सरकार को भेज दिया है। इन कोर्स में अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, अंग्रेजी, इतिहास और एमकॉम का बैच बिठाने की अनुमति मांगी गई है। कॉलेज में इन कोर्स को शुरू करना राजधानी के अन्य कॉलेजों की तुलना में आसान होगा, कारण कॉलेज में पर्याप्त ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध हैं।
यहां से शिफ्ट हुए जवाहर लाल नेहरू ललित कला महाविद्यालय के बाद से अतिरिक्त क्लास रूम उपलब्ध हैं। कॉलेज में पीजी कोर्स को चलाने और पढ़ाने के लिए प्रवक्ता भी हैं। इंग्लिश में सात में से छह शिक्षक सेवारत हैं, अर्थशास्त्र में स्वीकृत दोनों पद, कामर्स में चारों स्वीकृत सीटें और इतिहास की तीन में से तीनों सीटें भरी हुई हैं। कॉलेज का प्रयास है कि नए शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र से ही कम से कम बीस से तीस पीजी कोर्स की सीटों का बैच शुरू हो जाए।
विज्ञापन
जल्द करवाया जाएगा निरीक्षण : डॉ. चौहान
कॉलेज प्राचार्य डाॅ. गोपाल चौहान ने कहा कि शिक्षा विभाग के माध्यम से पीजी कोर्स को कॉलेज में शुरू करने का प्रस्ताव सरकार की मंजूरी के लिए भेजा है। वहां से मंजूरी मिलने पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की टीम को निरीक्षण के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद ही विवि बैच बैठाने के लिए संबद्धता और मंजूरी देगा। कॉलेज में वर्तमान में स्नातक डिग्री कोर्स, पीजीडीसीए जैसे कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। यहां छात्रों की वर्तमान में तीन हजार से अधिक संख्या है।
विज्ञापन