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ठंड का कहर, पांच माह की बच्ची ने तोड़ा दम

Sat, 03 Jan 2015 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर Updated Sat, 03 Jan 2015 11:52 PM IST
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five month old child died because of the cold at himachal.

हिमाचल प्रदेश में कड़ाके की ठंड ने एक मां की गोद हमेशा के लिए सूनी कर दी। मामला ऊना जिला के नादौन का है। जहां शनिवार सुबह नादौन में एक पांच माह की बच्ची की ठंड के कारण मौत हो गई।

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शहर के साथ सटे वार्ड छह बाघनाला क्षेत्र में रहने वाले प्रवासी मजदूर प्रमोद कुमार तथा उसकी पत्नी अनीता निवासी दरभंगा बिहार ने बताया कि गत 8 दिन पूर्व ही वह लोग अपने घर से नादौन में मजदूरी करने के लिए पहुंचे थे।
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बाघनाला क्षेत्र में झौपड़ी बना कर अन्य प्रवासियों के साथ रह रहे पीड़ित परिवार ने बताया कि शुक्रवार सायं तक बच्ची बिल्कुल ठीक ठाक थी परंतु शुक्रवार रात से लगातार हो रही बरसात व कड़ाके की ठंड के चलते शनिवार प्रात: उसकी बच्ची की मौत हो गई।
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मां ने लाख कोशिश की मगर नहीं बची मासूम की ‌जिंदगी

five month old child died because of the cold at himachal.

उन्होंने बताया कि रात के समय ठंड अधिक लग रही थी जिसके चलते उन्होंने अपनी झौपड़ी में आग जला कर बच्ची को गर्म रखने का पूरा प्रयास किया परंतु शनिवार प्रात: करीब 6 बजे अचानक बच्ची ने दम तोड़ दिया।

गरीबी का आलम यह था कि झौपड़ी के उपर जो तरपाल लगा रखी थी उसमें जगह-जगह छेद थे और चारों और से फटी होने के कारण जहां ठंडी हवा अंदर आ रही थी।

वहीं बरसात का पानी अंदर टपक रहा था। इस परिवार ने नीचे बिछौना भी पराल का बिछा रखा था जो कि बहुत कम था मां को गहरी नींद आने पर उसकी पांच माह की बच्ची पराल के ऊपर से बाहर निकल गई जिसके चलते उसकी ठंड से मौत हो गई।

पहनने के लिए गर्म कपड़े तक नहीं

five month old child died because of the cold at himachal.

इस परिवार के पास सर्दी में पहनने लायक गर्म कपड़े तक नहीं हैं। काम धंधे की तलाश में आए इस परिवार को अभी कोई काम भी नसीब नहीं हुआ था। जिस कारण वह सर्द ऋतु का सामान खरीदने में असमर्थ था।

आसपास के लोगों ने बताया कि इस परिवार ने कभी सहायता करने की गुहार भी नहीं लगाई थी। बेहद गरीब प्रमोद का एक 4 वर्षीय बेटा आशीष भी है। उक्त परिवार के पास ज्यादा पैसे भी नहीं है अत: उन्होंने सरकार से सहायता की गुहार लगाई है।

तहसीलदार अनिल मनकोटिया से बात करने पर उन्होंने बताया कि अन्य प्रदेशों से यहां आकर मजदूरी आदि का काम करने वालों लोगों के लिए सरकार की और से कोई आर्थिक सहायता देने का प्रावधान नहीं है।

हल्का पटवारी बीरबल से बात करने पर उन्होंने बताया कि किसी का इलाज तथा बचाव कार्य करवाया जा सकता है, लेकिन किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं दी जा सकती। 

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