ऐसे आग की लपटों में राख हो गया मिंटो कोर्ट
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राजधानी शिमला स्थित दीपक प्रोजेक्ट के मुख्यालय मिंटो कोर्ट में आग लगने से इसमें रखा बीआरओ और इतिहास संबंधित सारा रिकार्ड जलकर राख हो गया है।
अंग्रेजों के जमाने में बने पुराने लकड़ी के भवन में चल रहा सेना के बीआरओ के दीपक प्रोजेक्ट का मुख्यालय पूरी तरह राख हो गया है।
शनिवार रात देरी से मिली आग लगने की सूचना पर भवन को नहीं बचाया जा सका। आग लगने की स्पष्ट वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। अंदेशा है कि शार्ट सर्किट से हादसा पेश आया है।
थाना बालूगंज पुलिस ने मुकदमा दर्जकर तफ्तीश शुरू कर दी। इस इमारत को मिंटो कोर्ट के नाम से जाना जाता है। अग्निशमन विभाग की टीमों को साढ़े नौ बजे आग लगने की सूचना मिली थी।
इसके बाद फायर ब्रिगेड कर्मचारी मौके पर पहुंचे लेकिन तब भवन के चारों तरफ से उठती लपटें ही नजर आ रही थीं। इस भवन के ऊपरी मंजिल में ही मुख्य कार्यालय और रिकार्ड था। आग की ऊंची उठती लपटों से इसे बचाना मुश्किल हो गया।
भवन में रखा पूरा रिकार्ड जला
इस कारण लगभग पूरा रिकार्ड आग में स्वाह हो गया। चंद फाइलें ही शेष बची हैं। तीन मंजिला इस पुराने भवन के सिर्फ एक कमरे और इसके साथ अटैच दो किनारों के कमरों से ही कुछ सामान बाहर निकाला जा सका।
आग की इस बड़ी घटना के कारणों और इसमें हुए नुकसान का हालांकि अभी आंकलन नहीं हो सका है लेकिन नुकसान करोड़ों में है।
रात को भड़की इस आग को शांत करने के लिए शहर के तीनों अग्निशमन केंद्रों से 44 के करीब जवान मुख्य अग्निशमन अधिकारी भूपाल सिंह चौहान की अगुवाई में दो डिविजनल फायर आफिसर, पांच सब फायर आफिसर 11 छोटी बड़ी गाड़ियों के साथ बचाव कार्य में लगे रहे।