फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Fire In Kullu Dussehra: Tents Of Gods Goddesses And Five Shops Burnt

Kullu Fire: दशहरा स्थल में लगी आग, देवता और देवलुओं के 20 टेंट, पांच दुकानें जलीं, पुलिस कर्मी समेत चार झुलसे

Sat, 28 Oct 2023 07:09 PM IST
विजय पुंडीर संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 28 Oct 2023 07:09 PM IST
सार

Kullu Dussehra Fire Accident : ढालपुर में चल रहे अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में शुक्रवार रात 2:00 बजे मेला मैदान में आग लग गई। आग से देवताओं के 12 और देवलुओं के आठ टेंट व पांच दुकानें जलकर राख हो गईं। 

विज्ञापन
Fire In Kullu Dussehra: Tents Of Gods Goddesses And Five Shops Burnt
देवताओं के शिविरों में लगी आग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू के ढालपुर में चल रहे अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में शुक्रवार रात 2:00 बजे मेला मैदान में आग लग गई। आग से देवताओं के 12 और देवलुओं के आठ टेंट व पांच दुकानें जलकर राख हो गईं। आग से एक पुलिस कर्मी समेत चार लोग भी झुलसे हैं। देवलुओं ने आग की लपटों के बीच बड़ी मुश्किल से अस्थायी शिविरों में विराजमान देवरथों को बाहर निकाला, लेकिन टेंट और दुकानों के अलावा देवताओं के ढोल, नगाड़े समेत अन्य सामान जल गया। अस्थायी शिविर के बाहर लगी एक कार भी राख हो गई। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

विज्ञापन

विज्ञापन

जानकारी के अनुसार आग की इस घटना में महज 15 मिनट में करीब 25 लाख का नुकसान हुआ है, जबकि दो करोड़ की संपत्ति जलने से बचाई गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद रसोई गैस सिलिंडर में भी धमाका हुआ, जिससे यहां हड़कंप मच गया। इससे पहले देवताओं की शाम को आरती की गई। इसके बाद खाना खाकर देवताओं के साथ आए देवलू अस्थायी शिविरों में सोए हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


तभी अचानक पहले एक शिविर आग की चपेट में आया। उसके बाद अन्य शिविर भी आग की चपेट में आ गए। इस बीच देवलू भी नींद से जाग गए। तभी दमकल विभाग को भी सूचित कर दिया गया। दमकल विभाग की गाड़ियां भी ढालपुर मैदान में ही खड़ी थीं, लेकिन टेंटों में लगे तिरपालों के चलते महज 15 मिनट में देवताओं के 12, देवलुओं के आठ टेंट, चार जूतों की दुकानें, एक प्लास्टिक की बाल्टियों की दुकान जल गई। हालांकि मौके पर तीन टेंटों को सुरक्षा के लिहाज से उखाड़ा गया। देवलू सिर्फ देवरथों को ही बचा पाए, बाकी सामान जलकर राख हो गया। इस बीच एक पुलिस कर्मी और तीन अन्य लोग भी झुलस गए।

घायल चमन लाल का कुल्लू अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि तीन को हल्के उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। मेला कमेटी के अध्यक्ष सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि आग की घटना के बाद बजंतरियों और कारदारों को 25-25 हजार रुपये की फौरी तौर पर राहत दी जा रही है। दुकानदारों को भी 25-25 हजार राहत राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि देवताओं के नुकसान की भरपाई की जाएगी। उनके स्थलों को पहले से भी बेहतर किया जाएगा।

इन देवताओं के टेंट जले
इस घटना में मार्कंडेय ऋषि पेड़चा, देवता शेषनाग विशलाधार, पंचवीर खुनव, आदि ब्रम्हा धारठा, पंचवीर करटाह, जहल कुढ़ाची, पंचवीर जिभी कंडी, खोडू प्रेमनगर, शांघड़ी स्तरीग, पंचवीर सोती गांव, माता नरसिंगी कटराईं के टेंट जल गए हैं। दिल्ली के सकुन, पिंटू सागर, राजू, नितिन कुमार की जूतों की दुकानें जली हैं। कांगड़ा के मनु राम की दुकान भी राख हो गई। घटना में कुछ देवी-देवताओं के गहने सहित कुछ सामान लापता बताया जा रहा है।

देवताओं के शिविर में लगी आग के कारणों का अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चला है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। - साक्षी वर्मा, पुलिस अधीक्षक, कुल्लू


साढ़े 14 घंटे बाद अपने शिविर में विराजे 17 देवी-देवता

ढालपुर के दशहरा मैदान में शुक्रवार रात करीब 2:00 बजे देवी-देवताओं के अस्थायी शिविरों में लगी आग से कारकून, हारियान और देवलू सहमे हुए हैं। लगभग साढ़े 14 घंटे बाद सभी 17 देवी-देवता शनिवार शाम करीब 4:30 बजे के बाद अपने-अपने शिविरों में लौट आए हैं। दशहरा उत्सव कमेटी ने आग वाली जगह को पहले पूरी तरह से साफ किया और जेसीबी से मलबा हटाया। दोपहर बाद करीब 3:00 बजे यहां वैदिक मंत्रोच्चारण कर पूजा-पाठ किया।

वहीं, नारियल चढ़ाकर आग से प्रभावित देव शिविरों का शुद्धिकरण किया गया। इसके बाद दूसरी जगह पर बिठाए गए देवी-देवताओं को कारकूनों व दशहरा उत्सव कमेटी ने परंपरा के अनुसार उनके अस्थायी शिविरों में लाया गया। देवता शेष नाग जिभी के कारदार सत्य देव नेगी ने कहा कि देवी-देवताओं को पहले की तरह अपने अस्थायी शिविरों में लाया गया है। कहा कि रात को आग लगने का मंजर बहुत ही भयानक था।

किसने बसाई जूता मार्केट होगी जांच : सुंदर
सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर ने प्रशासन को निर्देश दिए कि यह जूता मार्केट किसने बसाई है, इसकी जांच की जाए। जबकि दशहरा कमेटी ने दशहरा में जूता बाजार न लगाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि जूता मार्केट लगने से यहां पर ठहरने वाले देवी-देवताओं का रास्ता तंग हो जाता है। उन्होंने दो टूक कहा कि आगे से इस तरह की दुकानों को यहां नहीं लगाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed