हिमाचल में 42 निजी शिक्षण संस्थानों पर होगी एफआईआर, जानिए वजह
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हिमाचल में 42 निजी शिक्षण संस्थानों पर एफआईआर दर्ज करने की तैयारी है। सुप्रीमकोर्ट की ओर से निजी शिक्षण संस्थानों की कमियां तलाशने को गठित एसआईटी की सिफारिशों पर प्रदेश सरकार ने नियम पूरा न करने वाले 42 निजी शिक्षण संस्थानों पर एफआईआर करने के आदेश दिए हैं।
एसआईटी ने हिमाचल हाईकोर्ट में सातवीं स्टेटस रिपोर्ट बीते दिनों पेश की है। कोर्ट ने छह सप्ताह के भीतर मामले पर फैसला लेने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी।
ऐसे में सुनवाई से पहले सरकार ने कार्रवाई करने के सभी महकमों को आदेश जारी किए हैं। आदेशों के तहत बीएड कॉलेज, तकनीकी शिक्षण संस्थानों और फार्मेसी संस्थानों पर एफआईआर दर्ज होगी।
हाईकोर्ट ने आल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन को एसआइटी की ओर से दी गई रिपोर्टों में बताई गई शिक्षण संस्थानों की खामियों को देखने और अपनी सिफारिशों से कोर्ट को अवगत कराने के आदेश दिए हैं।
यह है पूरा मामला
बीते दिनों हाईकोर्ट के न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सीबी बारोवालिया की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के बाद ये आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने प्रदेश के कुछ शिक्षण संस्थानों की ओर से जाली सर्टिफिकेट जारी करने से जुड़ी खबरों पर संज्ञान लेते हुए प्रदेश के सभी तकनीकी शिक्षण संस्थानों की विस्तृत जांच सीबीआई को सौंपी थी।
सीबीआई ने मानव संसाधनों की कमी का हवाला लेते हुए एसआईटी गठन की मांग की थी। सुप्रीमकोर्ट ने एसआईटी का गठन करते हुए इसका अध्यक्ष बिहार कैडर के रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी एसी वर्मा को बनाया, जबकि सीबीआई के रिटायर्ड उच्च अधिकारी एके मल्होत्रा, पीसी शर्मा और विजय कुमार को सदस्य बनाया।