छात्रवृत्ति घोटाले में सोलन के मानव भारती विश्वविद्यालय पर एफआईआर
छात्रवृत्ति घोटाले में सोलन जिला स्थित मानव भारती विश्वविद्यालय पर एफआईआर दर्ज हो गई है। विश्वविद्यालय प्रबंधन पर साल 2011 से 2017 तक फर्जी दाखिले दिखाकर 3.68 करोड़ की छात्रवृत्ति का आरोप है।
उत्तराखंड में गठित पुलिस एसआईटी ने हरिद्वार के सिडकुल में विवि के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इसके अलावा दो अन्य निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ भी एसआईटी ने एफआईआर दर्ज करवाई है।
हिमाचल में सामने आए 250 करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले की सीबीआई जांच कर रही है। प्रदेश से बाहर स्थित कई निजी शिक्षण संस्थान सीबीआई की रडार पर हैं। इसमें उत्तराखंड के भी कई निजी शिक्षण संस्थान शामिल हैं।
इसके अलावा कई अन्य राज्यों के संस्थानों पर भी हिमाचल के अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी वर्ग के हजारों विद्यार्थियों के फर्जी दाखिले दिखाकर करोड़ों रुपये की सरकारी धनराशि हड़पने का आरोप है।
सीबीआई कई शिक्षण संस्थानों में दबिश दे भी चुकी है। अब उत्तराखंड में दर्ज हुई एफआईआर के बाद सोलन के निजी विश्वविद्यालय प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आने वाले दिनों में सीबीआई का शिकंजा भी इस संस्थान पर कस सकता है।
उधर, उत्तराखंड के एसआईटी प्रभारी मंजूू नाथ टीसी ने बताया कि छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने हिमाचल के मानव भारती विश्वविद्यालय समेत तीन निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए हैं। आगे की जांच संबंधित पुलिस करेगी।
दो अन्य संस्थानों पर ही दर्ज हुआ है मुकदमा
छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने कनखल और ज्वालापुर कोतवाली थाने में भी दो निजी शिक्षण संस्थानों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इनमें एक निजी शिक्षण संस्थान पर 5.53 करोड़ और दूसरे पर 5.75 करोड़ की धनराशि हड़पने का आरोप है।
कनखल थाने में स्वामी दर्शनानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी गुरुकुल महाविद्यालय और रामानंद इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड मैनेजमेंट के प्रबंधन के खिलाफ कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
आरोप है कि इन दोनों संस्थानों ने भी कई विषयों में अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों के फर्जी दाखिले दर्शाए। छात्रवृत्ति छात्रों के बैंक खातों की बजाय सीधे संस्थान के बैंक खाते में भेजी। छात्रों के बैंक खातों में सिर्फ दो ही मोबाइल नंबर दर्ज हैं।