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सैन्य अफसरों के खिलाफ एफआईआर पर विवाद

Sat, 02 Jul 2016 10:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 02 Jul 2016 10:30 AM IST
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FIR against army officers

सैन्य अफसरों के खिलाफ पुलिस एफआईआर पर विवाद हो गया है। मामले के दूसरे दिन एक वरिष्ठ सैन्य अफसर ने पुलिस की इस एफआईआर पर कई सवाल खड़े किए हैं। सेना के वरिष्ठ अफसर एपी सिंह ने इसे सैन्य अफसरों के खिलाफ साजिश करार दिया और बयान जारी कर कहा कि सेना के एक ऐसे अफसर (बाली) का नाम एफआईआर में दर्ज किया गया जो वारदात स्थल पर मौजूद ही नहीं थे।

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शिमला पुलिस हक्का बक्का है। उधर इस प्रकरण पर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने नाराजगी जाहिर करते हुए इस मामूली मामले की जांच शिमला पुलिस से छीन ली है। दूसरे दिन सैन्य अफसर ने मीडिया को जारी किए गए बयान में अपना पक्ष रखते हुए कहा  है कि वह संदिग्ध व्यक्ति अति सुरक्षित इलाके अनाडेल में मुख्यमंत्री के हेलीकाप्टर के समीप घूम रहा था और बार बार कहने पर भी वह व्यक्ति वहां से नहीं गया।
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बार बार पूछने पर उस संदिग्ध व्यक्ति ने अपना परिचय देने से मना कर दिया और वह वर्दी में भी नहीं था। अति सुरक्षित इलाके में अजनबी व्यक्तियों को देखकर सेना के अफसरों ने उससे पूछताछ की लेकिन उसने कोई उतर नहीं दिया। इस पर उस व्यक्ति ने अकड़कर बात करना शुरू कर दी। व्यक्ति की ओर से दर्ज करवाई गई एफआईआर सेना के वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ एक साजिश है।
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सैन्य अफसरों ने प्रदेश पुलिस मुख्यालय के अफसरों से संपर्क कर इस मामले पर आपत्ति दर्ज की। इसके बाद प्रदेश पुलिस मुख्यालय शिमला पुलिस के इस कदम से नाखुश दिखा। मीडिया में मामला सामने आने के बाद शिमला पुलिस से सारे मामले की जानकारी ली और मामले की जांच का जिम्मा शिमला पुलिस के हाथ से ले लिया। अब प्रदेश पुलिस मुख्यालय इस मामले की छानबीन किसी दूसरी जांच एजेंसी से करवाने जा रही है।

फिर बाली का नाम कैसे आया एफआईआर में
वरिष्ठ सैन्य अफसर ने दावा किया है कि एफआईआर में दर्ज सेना के वरिष्ठ अफसर बाली वारदात के समय घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे। जिसको गलती से एफआईआर में दर्ज किया गया। सवाल है कि शिमला पुलिस एक सेना के एक बड़े अफसर के

खिलाफ एफआईआर कैसे लिख सकती है जो घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं था। इससे पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े हो जाते हैं।  मुख्यालय सेना प्रशिक्षण कमान तथा स्टेशन हेडर्क्वाटर शिमला में भी इस सुरक्षा में सेंध के संबंध में प्राधिकृत सिविल तथा पुलिस महकमे में 30 जून को औपचारिक एफआईआर दर्ज करवाई है।


यह था मामला

हेलीपैड सुरक्षा गार्द अनाडेल में तैनात एक कांस्टेबल ने दो सैन्य अफसरों के खिलाफ थाना बालूगंज में मारपीट और गाली गलौच की शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो सैन्य अफसरों पर एफआईआर दर्ज कर दी। वरिष्ठ सैन्य अफसरों के खिलाफ मुकदमा होने पर हड़कंप मचना स्वाभाविक था। अब असल में मामला क्या था यह तो जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।

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