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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Fee imposed on parikrama of Shri Renukaji lake, religious organizations became vocal

Sirmour News: श्री रेणुकाजी झील की परिक्रमा पर लगा दिया शुल्क, धार्मिक संगठन हुए मुखर

Tue, 28 Mar 2023 11:34 AM IST
Krishan Singh योगेंद्र अग्रवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, ददाहू (सिरमौर)
योगेंद्र अग्रवाल, संवाद न्यूज एजेंसी, ददाहू (सिरमौर) Published by: Krishan Singh Updated Tue, 28 Mar 2023 11:34 AM IST
सार

पवित्र रेणुका झील की परिक्रमा के मुख्य द्वार (गेट) पर वन्य प्राणी विभाग ने 25 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से शुल्क की वसूली करना शुरू कर दी है। 

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Fee imposed on parikrama of Shri Renukaji lake, religious organizations became vocal
रेणुकाजी झील - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 वन्य प्राणी विभाग ने श्री रेणुकाजी तीर्थ में झील की परिक्रमा पर शुल्क लगा दिया है। गत रविवार से ही वन्य प्राणी विभाग लोगों से शुल्क वसूल कर रहा है। लाखों लोगों की आस्था से जुड़ी झील की परिक्रमा पर इस तरह के शुल्क लगाने के बाद सामाजिक और धार्मिक संगठन मुखर होने लगे हैं। दरअसल, पवित्र रेणुका झील की परिक्रमा के मुख्य द्वार (गेट) पर वन्य प्राणी विभाग ने 25 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से शुल्क की वसूली करना शुरू कर दी है। यह शुल्क लगाने से पहले विभाग ने जिला प्रशासन को भी विश्वास में नहीं लिया।

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पहले दिन यह प्रवेश शुल्क स्थानीय लोगों सहित प्रत्येक व्यक्ति से लिया गया है। चैत्र नवरात्र चल रहे हैं और इन दिनों भारी संख्या में श्रद्धालु रेणुकाजी झील की पैदल परिक्रमा कर रहे हैं, लेकिन विभाग ने लोगों की आस्था को दरकिनार कर उनसे शुल्क लेना शुरु कर दिया। इसके लिए विभाग ने गेट पर कर्मचारी तैनात किए हैं। इसी परिक्रमा मार्ग पर मिनी जू भी है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ हजारों पर्यटक रेणुकाजी तीर्थ पहुंचने पर चिड़ियाघर में जानवरों का भी दीदार करते हैं।
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पर्यटकों से लिया जाएगा शुल्क
धार्मिक भावना से रेणुकाजी झील की परिक्रमा करने आने वाले लोगों से शुल्क नहीं लिया जाएगा। मिनी-जू में जानवरों को निहारने आने वाले पर्यटकों से ही शुल्क वसूला जाएगा। विभाग ने गवर्निंग बॉडी की बैठक में जू के संरक्षण और रखरखाव को लेकर स्वेच्छा से शुल्क लेने का फैसला लिया है।-एन रविशंकर शर्मा, डीएफओ, वन्य प्राणी विभाग, शिमला
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अधिकारियों से मांगा जाएगा जवाब
रेणुकाजी झील में शुल्क लिए जाने का मामला संज्ञान में नहीं है। अगर शुल्क लिया जा रहा है तो ये उचित नहीं है। वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों से बात करके इसके बारे में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। -विनय कुमार, विधायक, श्रीरेणुकाजी

मंदिरों और तीर्थों से हो रहा व्यापार
रेणुकाजी तीर्थ पूरे उत्तरी भारत के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। शुल्क लगाना श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ है। सरकार मंदिरों और तीर्थों से व्यापार कर रही है।-स्वामी दयानंद भारती, महामंडलेश्वर


प्रशासन से नहीं ली कोई स्वीकृति
वन्य प्राणी विभाग ने शुल्क लगाने के संबंध में प्रशासन से कोई स्वीकृति नहीं ली है। इसको लेकर विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा। इस तरह का शुल्क लगाना न्याय संगत नहीं।- आरके गौतम, उपायुक्त सिरमौर।

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