हिमाचल विधानसभा में पहली बार एक साथ नजर आएंगे पिता-पुत्र
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में पहली बार पिता और पुत्र एक साथ नजर आएंगे। प्रदेश में कांग्रेस के दिग्गज नेता और छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह और उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह दोनों ने इस बार एक साथ विधानसभा चुनाव जीता है।
सूबे के राजनीतिक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि पिता और पुत्र ने एक साथ विधानसभा में रहे हों। 83 साल के वीरभद्र सिंह ने अर्की से जीत दर्ज की है, जबकि उनके 28 वर्षीय बेटे विक्रमादित्य सिंह ने शिमला ग्रामीण से चुनाव जीता है।
अब दोनों ही 13वीं विधानसभा के सदस्य होंगे। विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष राधा रमण शास्त्री ने बताया कि हिमाचल विधानसभा में पिता और पुत्र पहली बार एक साथ पहुंचे हैं।
वीरभद्र 28 की उम्र में बने सांसद, बेटा विधायक
राज परिवार से संबंध रखने वाले वीरभद्र सिंह ने 28 वर्ष की उम्र में शिमला संसदीय क्षेत्र का चुनाव जीता था। प्रदेश की सियासत में पैठ जमाते हुए वह युवावस्था में ही मुख्यमंत्री बन गए। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह भी 28 साल की उम्र में विधायक बने हैं।
बेटा युवा, पिता सबसे उम्रदराज विधायक
तेरहवीं विधानसभा में पिता-पुत्र की जोड़ी कई मायनों में अनोखी होगी। विक्रमादित्य सिंह जहां सदन में सबसे युवा विधायक होंगे, वहीं पिता वीरभद्र इस विधानसभा के सबसे उम्रदराज सदस्य होंगे। युवा विक्रमादित्य और तजुर्बेकार वीरभद्र सिंह पांच साल के कार्यकाल में अपनी नुमाइंदगी का कितना प्रभाव छोड़ पाते हैं, यह देखने लायक होगा।