फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   farming of medicinal plants and get subsidy from himachal government

बंजर भूमि में अब ये चीज उगाओ, सरकार दे रही है सब्सिडी

Sat, 02 Dec 2017 01:47 PM IST
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, चंबा
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, चंबा Updated Sat, 02 Dec 2017 01:47 PM IST
विज्ञापन
farming of medicinal plants and get subsidy from himachal government

प्रदेश में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार एक करोड़ रुपये खर्च करेंगी।  नेशनल आयुष मिशन 2016-17 स्कीम के तहत सूबे के किसान बंजर भूमि और घासनियों में औषधीय पौधों की खेती कर सकेंगे।

विज्ञापन


इससे इनकी आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी। सरकार किसानों को सब्सिडी भी देगी। यह योजना प्रदेश के सभी जिलों में शुरू की जाएगी। औषधीय पौधों की खेती करने के लिए किसान के पास 25 बीघा भूमि होना अनिवार्य है। इतनी भूमि एक किसान के पास होना मुश्किल है। ऐसे में किसानों के ग्रुप बनाए जाएंगे।
विज्ञापन


इसके बाद किसान अपनी जमीन का ब्योरा विभाग को देंगे। फिर पटवारी मौके का निरीक्षण करेगा। पटवारी की रिपोर्ट मिलने के बाद किसानों को औषधीय पौधे लगाने को सहायता राशि दी जाएगी। किसानों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। एक ग्रुप में दो से अधिक किसान हो सकते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रति हेक्टेयर मिलेंगे 1 लाख 20 हजार 788 रुपये

farming of medicinal plants and get subsidy from himachal government

ग्रुप को औषधीय पौधों की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 1 लाख 20 हजार 788 रुपये मिलेंगे। आठ औषधीय पौधों की खेती की जाएगी। ऊंचे और निचले क्षेत्रों वाले पौधे अलग हैं। चंबा जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्र जैसे भरमौर, पांगी, सलूणी, तीसा में अतीष, कुटकी, कुट और सुगंधवाला जैसे औषधीय पौधों की खेती की जाएगी।

अतीष की खेती के लिए किसानों को 31 लाख, कुटकी पर 32 लाख, कुट पर 15 लाख और सुगंधवाला पर 8 लाख की सहायता दी जाएगी। इन पौधों को तैयार होने में तीन साल लगेंगे।

जिले के निचले क्षेत्र जैसे भटियात और चंबा में श्वेत मुसली, अश्वगंधा, सर्पगंधा और तुलसी की खेती की जाएगी। श्वेत मुसली पर 6 लाख, अश्वगंधा पर 1.42 लाख, सर्पगंधा पर 3 लाख और तुलसी पर 1 लाख की सहायता दी जाएगी। प्रदेश में 120 हेक्टेयर भूमि पर एक करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की जाएगी।

आयुर्वेदिक डॉक्टर करेंगे जागरूक

farming of medicinal plants and get subsidy from himachal government

चंबा जिले के आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी अपने क्षेत्रों में किसानों को जागरूक कर औषधीय पौधों की खेती के लिए तैयार करेंगे। इसको लेकर डॉक्टरों से समय-समय पर रिपोर्ट भी ली जाएगी। 

सभी जिलों में लागू होगी स्कीम
स्टेट मेडिसन प्लांट बोर्ड के नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि नेशनल आयुष मिशन 2016-17 स्कीम चंबा जिले से शुरू की गई है। यह प्रदेश के सभी जिलों में चलाई जाएगी।

किसान अपनी बंजर भूमि और घासनियों में औषधीय पौधों की खेती कर पाएंगे। सरकार उन्हें आर्थिक सहायता भी देगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed