फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   farmers set flowers on fire after HRTC driver denied to carry to delhi

Bilaspur News: एचआरटीसी के बस चालक ने सजावटी फूल ले जाने से मना किया तो किसानों ने सड़क पर ही जला दिए

Sun, 02 Jul 2023 07:18 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, भराड़ी (बिलासपुर)
संवाद न्यूज एजेंसी, भराड़ी (बिलासपुर) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 02 Jul 2023 07:18 PM IST
सार

अजय और राजेंद्र ने बताया कि फूलों का उचित किराया बस परिचालकों को दिया जाता है। लेकिन उन पर निगम के परिचालकों की मनमानी भारी पड़ रही है।

विज्ञापन
farmers set flowers on fire after HRTC driver denied to carry to delhi
फूलों को आग लगाते किसान। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल पथ परिवहन निगम की वोल्वो बस में सजावटी फूलों को दिल्ली न ले जाने पर गुस्साए दो किसानों ने उपमंडल घुमारवीं के दधोल चौक पर ही इन्हें जला दिया। इसके बाद बचे कुछ फूलों को लावारिस पशुओं को खाने के लिए डाल दिया। ऐसा कर इन किसानों ने निगम के प्रति भड़ास निकाली। डंगार के अजय कुमार और राजेंद्र कुमार ने बताया कि वे शनिवार रात को सजावटी फूलों की पेटियां लेकर दधोल चौक पहुंचे। यहां इन फूलों को एचआरटीसी की बस में किराया देकर दिल्ली भेजना था।

विज्ञापन


रात करीब 8:30 बजे रिवालसर से दिल्ली जाने वाली वोल्वो बस आई। परिचालक को बताया कि बस में फूल दिल्ली भेजने हैं। परिचालक ने फूल ले जाने से मना कर दिया और बस को आगे ले गए। एचआरटीसी बस के परिचालकों की ओर से आए दिन ऐसी मनमानी हो रही है जबकि निगम प्रबंधन ने किसानों को यह सुविधा दे रखी है। अजय और राजेंद्र ने बताया कि वह फूलों की खेती करते हैं। पूरा परिवार धूप में काम करके फूलों की कटिंग करता है।
विज्ञापन


फूलों के गुच्छे बनाए जाते हैं। इसमें भी पैसे खर्च होते हैं। शाम को पेटियों में भरकर फूल दधोल चौक पहुंचाए जाते हैं, जहां से इन फूलों को दिल्ली भेजा जाना होता है। फूलों का उचित किराया बस परिचालकों को दिया जाता है। लेकिन उन पर निगम के परिचालकों की मनमानी भारी पड़ रही है। आए दिन परिचालक फूलों को ले जाने से मना करते हैं। इस कारण हजारों रुपये के फूल बर्बाद हो जाते हैं। कुछ दिन पहले भी वोल्वो बस के परिचालक ने फूल ले जाने से मना कर दिया तो वह गाड़ी में लोड करके फूलों को घुमारवीं बस अड्डा ले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


परिचालक से गुजारिश की लेकिन फिर भी फूल ले जाने से मना कर दिया जबकि सरकार के निर्देश हैं कि किसान अपने फूल बसों में भेज सकते हैं। बताया कि इससे पहले भी इस बारे में अधिकारियों को अवगत कराया था। अधिकारियों का तर्क है कि किसानों को पहले बस अड्डा पर रसीद कटवानी पड़ेगी। इससे उन पर और अधिक बोझ पड़ेगा। रसीद कटवाने के लिए उन्हें 20 किलोमीटर दूर हजारों रुपये टैक्सी का खर्च कर घुमारवी पहुंचना होगा।


एचआरटीसी बिलासपुर डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक जोगिंद्र चौधरी ने बताया कि फूल ले जाने के आदेश चालकों और परिचालकों को दिए गए हैं। लेकिन फिर भी फूल भेजने के लिए घुमारवीं बस अड्डा पहुंचकर रसीद कटवानी पड़ेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed