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ढली किसान भवन का नहीं मिल रहा लाभ
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किसानों को नहीं मिल
रही ठहरने की सुविधा
किसान भवन में फर्नीचर न होने से दिक्कत
4 करोड़ से ढली में बनाया है किसान भवन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। उत्पाद बेचने के लिए शिमला आने वाले किसानों और बागवानों को 4 करोड़ की लागत से ढली में बनाए गए किसान भवन में ठहरने की सुविधा नहीं मिल रही। 30 कमरों का किसान भवन वर्ष 2019 में बनकर तैयार हो गया था लेकिन फर्नीचर की खरीद न होने से इसका लाभ किसानों को नहीं मिल रहा।
सामाजिक कार्यकर्त्ता विकास थापटा ने मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्प लाइन 1100 पर इसकी शिकायत कर तुरंत किसान भवन को खोलने की मांग की है। विकास का कहना है कि 2017 में किसान भवन का निर्माण कार्य शुरू किया था। दो साल में यह बनकर तैयार हो गया। 2019 से लेकर 2022 तक किसान भवन के लिए फर्नीचर का बंदोबस्त नहीं हो पाया है। किसानों के प्रति एपीएमसी का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, अगर यह सेवा तुरंत शुरू नहीं की गई तो जनमंच में इस मामले को जोरशोर से उठाया जाएगा।
पहुंच गया है फर्नीचर : कश्यप
एपीएमसी शिमला और किन्नौर के सचिव देवराज कश्यप ने बताया कि पूरा फर्नीचर न आने से किसान भवन का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा था। अब पूरा फर्नीचर पहुंच गया है, जल्द ही इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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रही ठहरने की सुविधा
किसान भवन में फर्नीचर न होने से दिक्कत
4 करोड़ से ढली में बनाया है किसान भवन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। उत्पाद बेचने के लिए शिमला आने वाले किसानों और बागवानों को 4 करोड़ की लागत से ढली में बनाए गए किसान भवन में ठहरने की सुविधा नहीं मिल रही। 30 कमरों का किसान भवन वर्ष 2019 में बनकर तैयार हो गया था लेकिन फर्नीचर की खरीद न होने से इसका लाभ किसानों को नहीं मिल रहा।
सामाजिक कार्यकर्त्ता विकास थापटा ने मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्प लाइन 1100 पर इसकी शिकायत कर तुरंत किसान भवन को खोलने की मांग की है। विकास का कहना है कि 2017 में किसान भवन का निर्माण कार्य शुरू किया था। दो साल में यह बनकर तैयार हो गया। 2019 से लेकर 2022 तक किसान भवन के लिए फर्नीचर का बंदोबस्त नहीं हो पाया है। किसानों के प्रति एपीएमसी का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, अगर यह सेवा तुरंत शुरू नहीं की गई तो जनमंच में इस मामले को जोरशोर से उठाया जाएगा।
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पहुंच गया है फर्नीचर : कश्यप
एपीएमसी शिमला और किन्नौर के सचिव देवराज कश्यप ने बताया कि पूरा फर्नीचर न आने से किसान भवन का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा था। अब पूरा फर्नीचर पहुंच गया है, जल्द ही इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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