आईजीएमसी में बच्चे की मौत पर परिजनों का हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप
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आईजीएमसी के आपातकालीन वार्ड में सोमवार दोपहर बाद एक 11 साल के बच्चे की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। सिरमौर जिले से यहां लाए गए इस बच्चे की अचानक मौत के बाद परिजन भड़क गए। परिजनों ने आरोप लगाए कि जब बच्चे की सीटी और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट नार्मल थी तो फिर मौत के कारण क्या हैं? परिजनों ने इलाज में डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। मामला सोमवार दोपहर बाद का है।
गांव देवथल तहसील शिलाई जिला सिरमौर के ग्यारह साल का अनुज चार दिन पहले घर में बच्चों के साथ खेल रहा था। इस बीच वह गिर गया। इससे उसके सिर पर चोट आई थी। परिजनों ने पहले उसे स्थानीय अस्पताल में दिखाया। इसके बाद 9 सितंबर की सुबह सवा छह बजे के करीब बच्चे को आईजीएमसी लाया गया। अस्पताल में न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने मरीज को उपचार दिया।
इस बीच बच्चे का सीटी और पेट का अल्ट्रासाउंड करवाया। डॉक्टरों ने बताया कि दोनों की रिपोर्ट नार्मल थी। लेकिन दोपहर बाद बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद जब परिजनों ने डॉक्टरों से सवाल किया तो दूसरी ओर जवाब आया कि टेस्ट रिपोर्ट नार्मल थी। डॉक्टर की इस बात को सुनने के बाद परिजन भड़क गए। कहा कि डॉक्टरों ने उनके बच्चे को सही उपचार नहीं दिया।
अनुज के चाचा कपिल की इस दौरान डॉक्टरों और प्रशासन के साथ जमकर बहसबाजी भी हुई। इसके बाद प्रशासन की टीम मौके पर आई और उन्हें समझाने का प्रयास करती रहीं लेकिन बात नहीं बनी। कुछ देर बाद परिजनों को लेकर प्रबंधन की टीम कार्यालय की ओर गई जिसके बाद मामला शांत हुआ। लेकिन अस्पताल में बच्चे की मौत के बाद हुए हंगामे से लोग भी सहमे नजर आए।
बच्चे को दोपहर बाद पड़ा था दौरा : डॉ. जनक
आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज ने बताया कि दोपहर बाद बच्चे को अचानक दौरा पड़ा था। शायद इसी वजह से बच्चे की सांस रुकी होंगी और उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत को लेकर लापरवाही के आरोप भी लगाए हैं।
इसलिए बच्चे का पोस्टमार्टम करने की बात परिजनों से कही है। परिजन मानते हैं तो मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही असल स्थिति का पता लगेगा। शव को फिलहाल चैंबर में रखवा दिया है।
शव नहीं करने दिया पैक
अस्पताल में जब यह घटना घटी तो परिजनों ने शव को पैक भी नहीं करने दे रहे थे। वहीं दूसरी ओर इस हंगामे के बाद पुर्नश्चेतन कमरे में शव को कुछ देर के लिए रखा गया। हालांकि यहां पर किसी को जाने नहीं दिया। अस्पताल में ड्यूटी पर सुरक्षा कर्मी तो थे लेकिन हंगामे के दौरान वह गायब नजर आए। हंगामा जब बढ़ा तो प्रशासन की टीम मौके पर आई उसके बाद ही यह कर्मी भी प्रशासन के साथ वहां पहुंचे।