15 साल से अंधेरे में जिदंगी काट रहा परिवार, विभाग ने दी बेतुकी दलील
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हिमाचल के जिला मुख्यालय ऊना से महज दो किलोमीटर की दूरी पर रामपुर गांव में स्थित किसान पाल सिंह के घर में पिछले पंद्रह वर्षों से बिजली का कनेक्शन न होने पर विद्युत विभाग ने बेतुकी दलील दी है। मामले से पल्ला झाड़ते हुए विभाग ने कहा है कि बिजली के मीटर के लिए पाल सिंह की ओर से विभाग को कोई आवेदन ही नहीं आया।
अब सवाल उठ रहा है कि अगर प्रभावित परिवार की ओर से कनेक्शन के लिए कोई आवेदन नहीं किया गया तो पाल सिंह के खेत में बिजली विभाग का खंभा किसने और क्यों लगाया। अमर उजाला ने शुक्रवार के संस्करण में ..खंभा गाड़ भूल गया बिजली बोर्ड, 15 साल से नहीं मिला कनेक्शन शीर्षक से मामले को प्रमुखता से उठाया था।
इससे विभाग में हड़कंप मच गया। विभागीय अधिकारियों ने शुक्रवार सुबह ही पीड़ित के घर का दौरा भी किया। लेकिन हैरत की बात है कि गरीब परिवार के सदस्यों को उनके खुद के पैसों से बिजली के तार खरीदने को कहा गया।
मामला प्रकाश में आने पर अब विद्युत विभाग के अधिकारी अपनी खाल बचाने को अजीबो-गरीब दलील दे रहे हैं। शुक्रवार को विभाग की आरे से कभी आवेदन न होने की बात की गई तो कभी बिजली के तार के लिए जमीन विवाद होने का तर्क दे रहा है।
जेई व लाइनमैन पहुंचे घर
गौर हो कि पेशे से किसान पाल सिंह के घर के समीप कंक्रीट से बना बिजली विभाग का खंभा गाड़कर विभाग यहां तक तार पहुंचाना ही भूल गया। पाल सिंह और उनकी पत्नी दर्शना देवी ने कहा कि वे करीब पंद्रह वर्ष पहले आवेदन के बाद तीन से चार बार विभाग के दफ्तर गए, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
थक हार कर उन्होंने बिजली पहुंचने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन अमर उजाला द्वारा मसला उठाने के बाद इस परिवार में घर में रोशनी होने की उम्मीद जगी है। शुक्रवार को खबर छपने के बाद जेई व लाइनमैन ने पाल सिंह के घर का दौरा किया।
उधर, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता अरुण गुप्ता ने कहा कि संबंधित परिवार की ओर से विभाग को कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। अगर परिवार की ओर से कनेक्शन के लिए आवेदन किया जाता है तो बिना किसी देरी के मीटर लगा दिया जाएगा।
विभाग व पूर्व विधायक दोनों जिम्मेवार
उपायुक्त विकास लाबरू ने कहा कि अमर उजाला के माध्यम से जानकारी मिलने पर उन्होंने विभागीय अधिकारियों से अपने स्तर पर रिपोर्ट तलब की। विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि उनके पास ऐसा कोई आवेदन नहीं आया है। उपायुक्त ने कहा कि विभाग को मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं ताकि प्रभावित परिवार को न्याय मिल सके।
सदर से कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा ने शुक्रवार को पाल सिंह के घर का दौरा किया। उन्होंने इस लापरवाही के लिए सीधे तौर पर विद्युत विभाग और पूर्व भाजपा विधायक को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि इस बात का पता लगाया जाएगा कि किसके कहने पर इस घर में बिजली का मीटर नहीं लगा। उन्होंने प्रभावित परिवार की जल्द से जल्द मदद का आश्वासन दिया।
बिजली की उम्मीद से चहकी कलिका
रात के अंधेरे में दीये की रोशनी में पढ़कर छठी जमात तक पहुंची पाल सिंह की बेटी कलिका उस वक्त चहक उठी जब उसे घर में बिजली आने की उम्मीद की सूचना मिली। कलिका का कहना है कि जब उनके घर में बिजली आ जाएगी तो वह पापा से सबसे पहले टीवी मंगवाएगी।
घर में बिजली न होने से पाल सिंह को समाज में भी हीन भावना का शिकार होना पड़ा है। पाल सिंह की पत्नी दर्शना देवी ने कहा कि उनके घर में बिजली न होने पर कोई रिश्तेदार भी उनके यहां ठहरने नहीं आता। उन्होंने इस मसले को उठाने पर अमर उजाला का आभार व्यक्त किया है।
मीटर नहीं लगा तो जाऊंगा हाईकोर्ट: विनय
पूर्व सरकार में उपमहाधिवक्ता रहे एडवोकेट विनय शर्मा का कहना है कि विद्युत राज्य हिमाचल के जिला मुख्यालय के समीप इस तरह का मामला शासन व्यवस्था के लिए शर्मनाक है।
उन्होंने इसके लिए विद्युत विभाग समेत पूर्व भाजपा विधायक को भी जिम्मेवार ठहराया है। विनय शर्मा ने कहा कि अगर सोमवार तक विभाग ने पाल सिंह के घर में मीटर नहीं लगाया तो वह मंगलवार को हाईकोर्ट जाकर इस मामले में जनहित याचिका दायर करेंगे।