हिमखंड में दबे बेटे नितिन के इंतजार में पथराने लगीं मां की आंखें
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बीते 20 फरवरी को किन्नौर में हिमखंड की चपेट में आए जयसिंहपुर उपमंडल के रिट गांव के सैनिक नितिन राणा की मां लता देवी की आंखें बेटे के इंतजार में पथरा गई हैं। बेटे का अभी तक कोई सुराग न लगने से मां और परिजन काफी परेशान हैं।
नितिन के छोटे भाई निखिल ने बताया कि रविवार को उनकी सेना के एसएम से बात हुई। लेकिन, नितिन का अभी तक कोई अता पता नहीं चला है। उन्हें जानकारी मिली है कि रविवार को स्लाइडिंग के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा था।
नितिन का जन्म 25 जनवरी 1992 को हुआ था। एक साधारण किसान सुभाष चंद राणा के घर जन्मे नितिन की प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक पाठशाला भगैतर में हुई।
उसके बाद जमा दो तक नितिन शहीद मिलाप चंद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लाहट का छात्र रहा। नितिन की अध्यापिकाओं रेणू, मोनिका कटोच और अध्यापक वेद प्रकाश ने बताया कि जब शहीद मिलाप चंद हाई स्कूल लाहट को 2007 में वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का दर्जा मिला तो नितिन लाहट स्कूल में जमा एक में दाखिला लेने वाला पहला छात्र था।
वर्तमान में लाहट स्कूल में अपनी सेवाएं दे रहीं इन अध्यापिकाओं का कहना है कि नितिन अपने स्कूल समय में भी बेहद होशियार बच्चा था। स्कूल की हर गतिविधि में भाग लेता था। वॉलीबाल और खो-खो में जिला स्तर तक अपने खेल का प्रदर्शन कर चुका है।