स्टाफ नर्स की मौत पर भड़के परिजन, शव को सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन
डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर की स्टाफ नर्स की मौत को लेकर शुक्रवार को परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया।
शिमला-हमीरपुर मुख्य मार्ग के तहत भोटा चौक पर स्टाफ नर्स के शव को बीच सड़क में रखकर परिजनों ने कॉलेज एवं अस्पताल प्रशासन और पुलिस विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब ढाई घंटे तक चक्का जाम और नारेबाजी से माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
जिसके बाद पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर, एडिशनल एसपी विजय सकलानी, डीएसपी हितेश लखनपाल, एसडीएम डॉ. चिरंजी लाल चौहान, एसएचओ संजीव गौतम समेत काफी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
पुलिस और प्रशासन ने परिजनों को शांत करवाने का काफी प्रयास किया। कड़ी मशक्कत के बाद शव को सड़क से हटाया लेकिन, परिजन शव को सड़क किनारे रखकर नारेबाजी करते रहे।
परिजन इस मामले में आरोपी अस्पताल के सीनियर स्टाफ की गिरफ्तारी पर अड़े रहे। वहीं, पुलिस ने अस्पताल पहुंच कर स्टाफ नर्सों के ड्यूटी रजिस्टर को अपने कब्जे में ले लिया है।
इसके साथ ही अस्पताल स्टाफ से भी पूछताछ की गई। पुलिस मृतक स्टाफ नर्स के मोबाइल कॉल की डिटेल भी खंगाल रही है ताकि, पता चल सके कि कहीं फोन पर किसी से कोई बहसबाजी तो नहीं हुई।
यह है सारा मामला
गांव पलासी डाकघर कश्मीर, उपमंडल नादौन जिला हमीरपुर की रहने वाली 32 वर्षीय मोनिका हमीरपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में स्टाफ नर्स के पद पर सेवाएं दे रही थीं। वीरवार को ड्यूटी खत्म होने के बाद मोनिका अपने कमरे में पहुंची और पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने एक सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें उसने अस्पताल की सीनियर वार्ड सिस्टर पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाते हुए अपनी मौत के लिए जिम्मेवार ठहराया।
पुलिस ने सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेकर मामला दर्ज किया और तफ्तीश शुरू की
स्टाफ नर्स का पति आसनिक कतनोरिया दवा कंपनी में सेवाएं दे रहे हैं। जबकि पांच साल का बेटा स्कूल में पढ़ता है। वह घटना के दिन स्कूल में था तथा उसे स्कूल से घर लाने कोई नहीं पहुंचा। शाम करीब साढ़े पांच बजे जानकारों ने उसे घर पहुंचाया। पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर ने कहा कि पुलिस ने मृतक स्टाफ नर्स के पति की शिकायत पर अस्पताल के सीनियर स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज किया है। रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर तफ्तीश चल रही है। मोबाइल कॉल भी खंगाली जाएगी।
शिकायत के बाद ही मामले की जांच होगी : प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल चौहान ने कहा कि अभी तक उनके पास परिजनों की तरफ से कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत के बाद ही मामले की जांच होगी। जरूरती पड़ी तो विशेष जांच कमेटी गठित होगी। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल प्रशासन पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहा है।