Fake Degree Case: शांता कुमार बोले- तत्कालीन सीआईडी प्रमुख को भी बनाया जाए अपराधी
शांता कुमार ने कहा कि देवभूमि हिमाचल में 43 हजार फर्जी डिग्रियां बिकने का कलंक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। 43 हजार डिग्रियां करोड़ों में बिकीं। हिमाचल में भी हजारों लोगों ने डिग्रियां खरीदीं। कई साल तक यह घोटाला होता रहा।
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फर्जी डिग्री मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने हैरानी जताई है। उन्होंने इसे लेकर पुलिस के सीआईडी विंग की नालायकी और भ्रष्टाचार को लेकर सीआईडी के प्रमुख को भी अपराधी बनाए जाने की बात कही है। शांता ने कहा कि देवभूमि हिमाचल में 43 हजार फर्जी डिग्रियां बिकने का कलंक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। 43 हजार डिग्रियां करोड़ों में बिकीं। हिमाचल में भी हजारों लोगों ने डिग्रियां खरीदीं। कई साल तक यह घोटाला होता रहा। हैरानी की बात है कि पुलिस और सरकार को इसका पता ही नहीं लगा। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों ने डिग्रियां खरीदीं। सैकड़ों घरों में चर्चा हुई होगी।
पुलिस में गुप्तचर विभाग का यही काम होता है कि इस प्रकार के होने वाले अपराध का पता करे। कहा कि यह सोच कर डर लग रहा है कि कहीं जनता भी इस भ्रष्टाचार में शामिल तो नहीं हो गई। सैकड़ों लोगों को फर्जी डिग्रियां बिकने का पता लगा होगा। उनमें एक भी ऐसा ईमानदार देशभक्त नहीं था, जो इस अपराध की सूचना सरकार को देता। उस समय के पुलिस गुप्तचर विभाग के प्रमुख को भी अपराधी बनाया जाना चाहिए। इस विभाग के पास लाखों रुपये इसी काम के लिए होते हैं। सैकड़ों कर्मचारी होते हैं, वह भी बराबर अपराधी हैं। पुलिस पेपर लीक घोटाला भी हिमाचल के माथे पर एक और कलंक है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को इस बात की बधाई दी है कि उन्होंने इस मामले को सीबीआई को सौंपने का निर्णय किया है।