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झूठी शिकायत पर स्वास्थ्य अधिकारी पर बैठाई जांच, निदेशक फंसे

Mon, 01 Jul 2019 10:27 AM IST
अरविन्द ठाकुर धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 01 Jul 2019 10:27 AM IST
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Fake complaint against health officer Himachal Pradesh Government
सांकेतिक तस्वीर

निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं को एक मेडिकल अधिकारी के खिलाफ झूठी शिकायत पर जांच बैठाना महंगा पड़ गया है। अब खुद निदेशक ही जांच के दायरे में आ गए हैं। निदेशक के खिलाफ यह शिकायत सरकार के पास पहुंची है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान को शिकायत सौंपी गई है। अब निदेशक से जवाब तलब किया जा रहा है।

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यह मामला सचिवालय स्थित पीएचसी से संबंधित है। निदेशक ने जिस मेडिकल अधिकारी की खुद छुट्टी मंजूर की, उसी पर छुट्टी के कार्यकाल के दौरान गैर हाजिर रहने की जांच बैठा दी गई। अब इस इन्कवायरी में खुद निदेशक ही फंस गए हैं।
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यह मामला फरवरी, 2019 से शुरू हुआ। मेडिकल अफसर 15 से 25 फरवरी तक छुट्टी पर चले गए। इसी बीच उनके खिलाफ सीनियर सिटीजन के हवाले से एक बेनामी शिकायत हुई कि वह चेकअप करवाने गए तो मेडिकल अधिकारी को गैर हाजिर पाया गया। यह शिकायत निदेशक से की गई। शिकायत में कहा गया कि 18 फरवरी को वह पीएचसी में इलाज करवाने गए लेकिन अधिकारी नदारद पाए गए।
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इसके बाद वह 20, 23 और 25 फरवरी को पीएचसी में फिर गए लेकिन मेडिकल ऑफिसर यानी डॉक्टर कमरे में मौजूद नहीं थे। इस बीच निदेशक ने मेडिकल अधिकारी के खिलाफ जांच बैठा दी जबकि निदेशक ने ही इसी दौरान की मेडिकल ऑफिसर की छुट्टी मंजूर की थी।

Fake complaint against health officer Himachal Pradesh Government
विपिन सिंह परमार, स्वास्थ्य मंत्री, हिमाचल प्रदेश - फोटो : फाइल फोटो

अतिरिक्त मुख्य सचिव के नाम लिखे पत्र में इसके प्रमाण भी संलग्न किए गए हैं। जांच के बीच मेडिकल अधिकारी ने सचिवालय की पीएचसी में बायोमीट्रिक मशीन लगाने की मांग की, मगर उसी दिन उनका सोलन के लिए तबादला हुआ। इसके बाद मेडिकल अधिकारी ने ट्रिब्यूनल में गुहार लगाई। ट्रिब्यूनल ने डॉक्टर को सुनने और उपयुक्त स्थान पर बदलने को कहा। अब उन्हें कुफरी बदला गया है।

इसी बीच मेडिकल ऑफिसर ने निदेशक के खिलाफ प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए झूठी शिकायत पर जांच बैठाने और खुद ही छुट्टियां मंजूर करने के तथ्यों के साथ यह मामला अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य से उठाया है। बाकायदा उन्हें शिकायत पत्र भी दिया है। अब सरकार इस पूरे प्रकरण की जांच करा रही है। 

निमोनिया से ग्रसित थे मेडिकल ऑफिसर 
मेडिकल ऑफिसर को निमोनिया हो गया था, इस कारण वह छुट्टी पर चले गए थे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निमोनिया होने का मेडिकल दिया है।  

जांच से पहले नहीं दिया नोटिस
मेडिकल अफसर का कहना है कि अगर मेरे खिलाफ कोई और जांच है तो मुझे नोटिस आना चाहिए था, मेरा पक्ष भी सुना जाना चाहिए था। जब जांच की कॉपी मांगी गई तो टाल दिया गया। 

जो भी कार्रवाई हुई है वह मैंने खुद नहीं की, सरकार ने करवाई है। हमने जांच की और सरकार को भेजी है। चिकित्सक पर छुट्टियों के बजाय अन्य भी आरोप हो सकते हैं। इन्हें अभी नहीं बताया जा सकता। - अजय कुमार गुप्ता, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं 

निदेशक से किया जाएगा जवाब तलब 
इस घटनाक्रम के बारे में निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं से जवाब लिया जाएगा। मेडिकल अफसर अपनी बात कहने के लिए मुझसे आकर मिल सकते हैं। - विपिन सिंह परमार, स्वास्थ्य मंत्री, हिमाचल प्रदेश

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