Kullu News: कुल्लू में पैराग्लाइडिंग के फर्जी सर्टिफिकेट बांटने वाला उत्तराखंड का शातिर गिरफ्तार
कुल्लू जिले में पैराग्लाइडिंग के फर्जी सर्टिफिकेट बांटने वाले शातिर का फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोपी पेशे से पायलट है। आरोपी ने 25-25 हजार रुपये में फर्जी सर्टिफिकेट बांटे थे।
विस्तार
जिला कुल्लू में पैराग्लाइडिंग के फर्जी सर्टिफिकेट बांटने का मामला सामने आया है। उत्तराखंड के रहने वाले एक शख्स को छह खाली सर्टिफिकेट के साथ पकड़ा गया है। आरोपी के पास मिले ये सर्टिफिकेट सीज कर दिए गए हैं। आरोपी पर 25-25 हजार रुपये में सर्टिफिकेट बेचने का आरोप है। आरोपी खुद भी पैराग्लाइडिंग पायलट है। फर्जीवाड़े की भनक लगते ही एसडीएम सदर विकास शुक्ला रविवार रात को ही मौके पर पहुंचे। आरोपी को दबोच लिया गया। कुल्लू में इसके एक अन्य साथी को भी पकड़ा है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पर्यटन विभाग ने भी आगामी कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा है। मामला सामने आने के बाद पैराग्लाइडिंग के लिए जरूरी सर्टिफिकेट बाजार में बिकने पर कई सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि उत्तराखंड का जो संस्थान पैराग्लाइडिंग का कोर्स करवाता है, उसके सर्टिफिकेट बेचे जा रहे थे। आरोपी ने यह भी कुबूल किया है कि उसने कुल्लू में करीब 70 सर्टिफिकेट बांटे हैं। जिला पर्यटन अधिकारी सुनैना शर्मा ने कहा कि आगामी कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा है। एसडीएम सदर विकास शुक्ला ने कहा कि पैराग्लाइडिंग के लिए फर्जी सर्टिफिकेट बांटने वाला उत्तराखंड का एक शख्स पकड़ा गया है। आरोपी के पास खाली सर्टिफिकेट भी मिले हैं। उसने सर्टिफिकेट किसे बांटे हैं, इसकी छानबीन की जाएगी। पुलिस को मामले की छानबीन का जिम्मा दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुल्लू गुरदेव शर्मा ने कहा कि पुलिस ने डूंगर सिंह (27) पुत्र चंदन सिंह निवासी पांडेय भीमताल, जिला नैनीताल, उत्तराखंड तथा एक अन्य व्यक्ति युधिष्ठिर (27) निवासी कोकी बंजार को सीआरपीसी की धारा 107 व151 के तहत गिरफ्तार किया गया है।
इसलिए करवाया जाता है कोर्स
पैराग्लाइडिंग के एडवांस सर्टिफिकेट कोर्स में पायलट को सिखाया जाता है कि आपात स्थिति में पैराग्लाइडर नदी में गिर जाए तो नदी को कैसे पार करना है। विपरीत परिस्थितियों में कैसे सुरक्षित लैंडिंग की जाए। कोर्स को अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान सहित अन्य पंजीकृत संस्थान करवाते हैं। कोर्स के लिए करीब 50,000 रुपये फीस रहती है। प्रशिक्षण एक सप्ताह से 15 दिन का होता है।