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Fake Certificate: सीबीआई के रडार पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाने वाला गिरोह, इन राज्यों में बिछाया जाल
Sun, 30 Jun 2024 07:09 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 30 Jun 2024 07:09 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश डाक विभाग में फर्जी प्रमाणपत्र के मामले सामने आने के बाद सीबीआई विभिन्न राज्यों में जाल बिछाए हुए है। जांच टीमों ने शिक्षा निदेशालय इलाहाबाद से आरोपियों के 10वीं के प्रमाण पत्रों से संबंधित रिकॉर्ड मांगा है।
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सीबीआई
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
10वीं के फर्जी प्रमाणपत्र देने वाला गिरोह सीबीआई के रडार पर है। हिमाचल प्रदेश डाक विभाग में मामले सामने आने के बाद सीबीआई की टीमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में अपना जाल बिछाए हुए हैं। सीबीआई ने अलग-अलग शिकायतों के आधार पर 2 शाखा डाकपाल प्रवीण व नवीन के खिलाफ साजिश रचने, धोखाधड़ी, फर्जी प्रमाणपत्र और अन्यों धाराओं के तहत शिमला में केस दर्ज कर रखे हैं। छानबीन को आगे बढ़ाते हुए जांच टीमों ने शिक्षा निदेशालय इलाहाबाद से आरोपियों के 10वीं के प्रमाण पत्रों से संबंधित रिकॉर्ड मांगा है।
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निलंबित दोनों शाखा डाकपाल सोलन जिला की अलग-अलग डाक शाखा में कार्यरत थे। नौकरी के लिए फर्जी प्रमाणपत्र देने के तथ्य सामने आने के बाद डाक विभाग ने दोनों को निलंबित कर दिया था। हरियाणा के हिसार से संबंध रखने वाला प्रवीण 27 अगस्त 2022 को रामशहर के लगडाघाट में शाखा डाकपाल के पद पर नियुक्त हुआ था। इसी तरह हरियाणा के भिवानी से संबंध रखने वाला नवीन का चयन शाखा डाकपाल के पद पर 9 सितंबर 2022 को हुआ था। वह सोलन जिले के रामशहर की चमदार डाक शाखा में नियुक्त हुआ था। दोनों ने माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के नाम से 10वीं कक्षा का फर्जी प्रमाणपत्र दिया था। सत्यापन के दौरान वह फर्जी पाए गए थे।
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