फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Exclusive Apartment Act to be Re-implemented in Himachal After 9 Years

Exclusive: हिमाचल में 9 साल बाद दोबारा लागू होगा अपार्टमेंट एक्ट, चेस्टर हिल प्रकरण के बाद सरकार का फैसला

Sun, 26 Apr 2026 06:33 AM IST
Ankesh Dogra विश्वास भारद्वाज, शिमला।
विश्वास भारद्वाज, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Sun, 26 Apr 2026 06:33 AM IST
सार

Himachal Apartment Act 2026: हिमाचल प्रदेश सरकार ने 9 साल बाद अपार्टमेंट एक्ट को दोबारा लागू करने का फैसला किया है। एक्ट लागू होने के बाद सरकार बिल्डरों से एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्जेज (ईडीसी) की वसूली भी शुरू कर देगी। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Exclusive Apartment Act to be Re-implemented in Himachal After 9 Years
हिमाचल में 9 साल बाद दोबारा लागू होगा अपार्टमेंट एक्ट - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

सोलन में चेस्टर हिल प्रोजेक्ट में कायदे कानूनों को ताक पर रखकर हुए निर्माण से सबक लेकर सरकार ने 9 साल बाद प्रदेश में अपार्टमेंट एक्ट को दोबारा लागू करने का फैसला किया है। एक्ट लागू होने के बाद प्रदेश में आवासीय परियोजनाओं के मनमाने निर्माण पर अंकुश लगेगा और बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) की वसूली शुरू होगी, जिससे प्रदेश की आय होगी। अपार्टमेंट एक्ट के तहत नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक को नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की शक्तियां दी जाएंगी। नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने इसकी पुष्टि की है।

विज्ञापन

अमर उजाला ने चेस्टर हिल परियोजना में नियमों की अनदेखी को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित की थी और ग्राउंड रिपोर्ट में भी मौके पर बरती जा रही अव्यवस्थाओं का खुलासा किया था, जिसके बाद अब राज्य सरकार ने बिल्डरों पर नकेल कसने के लिए अपार्टमेंट एक्ट पुन: लागू करने का फैसला लिया है। एक्ट लागू होने के बाद सरकार बिल्डरों से एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्जेज (ईडीसी) की वसूली भी शुरू कर देगी। इसकी दरें नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की ओर से प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से नगर निगम क्षेत्रों, नियोजित क्षेत्रों और विशेष क्षेत्रों के लिए अलग अलग तय की जाएंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बिल्डरों से सार्वजनिक सुविधाओं सड़क, सीवरेज, पानी और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था के लिए ईडीसी लिया जाता है। प्रदेश में आवासीय परियोजनाओं (अपार्टमेंट) के तहत होने वाले निर्माण को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया हिमाचल प्रदेश अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट, 2005 सितंबर 2005 में लागू किया गया था। आवासीय परियोजनाओं से संबंधित पूरी प्रक्रिया पहले हिमुडा देखता था। हालांकि केंद्र सरकार द्वारा 2016 में रेरा लागू किए जाने के बाद कानूनी एकरूपता लाने और दोहरे कानूनों से पैदा होने वाली जटिलताओं को खत्म करने के लिए अपार्टमेंट एक्ट को निरस्त कर दिया।

विज्ञापन

इनसेट: ईसी जारी करने के नियम सख्त
आवासीय परियोजनाओं में अब बिना पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के डवेलपर को ईसी (एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट) जारी नहीं किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं। हाल ही में चेस्टर हिल प्रोजेक्ट में पानी और रास्ते की कमी को लेकर हुए विरोध के बाद यह फैसला लिया गया। अब पर्याप्त जल आपूर्ति और सड़क संपर्क सुनिश्चित होने पर ही प्रमाण पत्र मिलेगा। साथ ही पुराने और निर्माणाधीन प्रोजेक्टों की जांच के लिए विशेष कमेटी गठित होगी, जो कमियों की पहचान कर समाधान सुझाएगी।

आवासीय प्रोजेक्टों के लिए टीसीपी के पास पंजीकरण अनिवार्य
प्रदेश सरकार ने प्रदेश में बनने वाले आवासीय प्रोजेक्टों के लिए बिल्डरों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। पंजीकरण होने के बाद यदि निर्माण के दौरान नियमों की अवहेलना होती है तो सरकार बिल्डर पर कार्रवाई करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed