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Shimla News: पूरे दिन सिर्फ दो शराब ठेके बेचा पाया आबकारी विभाग
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एक रिजर्व प्राइस से 5 रुपये मंहगा बिका
जिले के 31 ठेके पहली एचपीएमसी के हवाले
19 शराब ठेके नगर निगम चलाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला में पिछले 27 दिन से चली शराब ठेकों की नीलामी प्रक्रिया में अभी तक 74 शराब ठेके नीलाम नहीं हो पाए हैं। बचत भवन में बुधवार को छह घंटे तक चली बारहवें चरण की नीलामी प्रक्रिया में शिमला ग्रामीण का पनेश और रामपुर उपमंडल के ज्यूरी का ही अंग्रेजी शराब ठेका बिका।
सतिंद्र सिंह चंदेल ने 1 करोड़ 41 लाख 66 हजार 825 रुपये रिजर्व प्राइस के इस ठेके को सिर्फ पांच रुपये की अधिक बोली लगाकर खरीदा। साथ ही ठेकेदार राजेश ने पनेश के शराब के ठेके को 61 लाख रुपये में खरीदा। इसके अलावा दिनभर कोई भी ठेका नीलाम नहीं हुआ। आबकारी विभाग देर शाम तक शेष बचे 74 ठेकों को मेघा क्लब, यूनिटों में बेचने की जद्दोजहद में लगा रहा लेकिन कम बोली प्राप्त होने के कारण यह ठेके आवंटित नहीं किए जा सके। पिछले 27 दिन से नहीं बिक रहे जिले के 74 में से 50 ठेकों को पहली बार एचपीएससी और नगर निगम चलाएगा। इसमें शिमला ग्रामीण के 31 ठेकों को हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) चलाएगा। इसके अलावा शिमला शहर के 19 शराब ठेकों को नगर निगम चलाएगा।
दरअसल सरकार के फैसले के बाद साल 2025-26 में शिमला जोन के तहत 35 शराब यूनिटों को पिछले साल के मुकाबले अधिक दर पर आवंटन किया है। इसी के तहत बुधवार को बचत भवन सभागार में बारहवें चरण की नीलामी प्रक्रिया पीठासीन अधिकारी अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में हुई। दिनभर 76 में से दो शराब ठेके नीलाम हो सके। इस बीच देर शाम तक शराब ठेके नहीं बिके तो विभाग ने शेष बचे 74 शराब ठेकों को मेघा क्लब और यूनिट में बनाकर नीलामी करवाई गई। कारोबारियों ने इस दौरान भी ठेकों को खरीदने के लिए रिजर्व प्राइस से 60 प्रतिशत के कम दामों में बोली लगाई। अब विभाग ने इन ठेकों को मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार के पास भेजा है। विभाग को जिले के 256 ठेकों में से 182 ठेकों की नीलामी से करीब 172 करोड़ का राजस्व प्राप्त हो चुका है। इसके साथ ही रिजर्व प्राइस से कम 74 ठेकों की बोली के दामों को मिलाकर यह आंकड़ा 219 करोड़ रुपये के पार हो गया है। वहीं विभाग ने 256 ठेकों से 254 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है।
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बारहवें चरण में यह ठेके नहीं बिके
बचत भवन सभागार में बुधवार को 76 में से 74 ठेकों के लिए कारोबारियों ने रिजर्व प्राइस से नीचे की बोली लगाई जिस कारण वह नहीं बिके। इसमें लक्कड़ बाजार (मेन) के अंग्रेजी (एल-14) और देसी शराब (एल-2), लक्कड़ बाजार (बस स्टैंड), ढली (मेन), खलीनी, पुराना डंप, कोटखाई और चूहाबाग का ठेका शामिल है। इसके अलावा अप्पर कैथू, तारादेवी, कसुम्पटी, विकासनगर, न्यू शिमला सेक्टर-3, शोघी, कच्चीघाटी, कनलोग, टुटीकंडी, टुटू, हलोग (धामी), बागीपुल, लंबीधार, मशोबरा, खटनोल, नौटीखड्ड, नौटीखड्ड (कटली), चीनीबंगला, कोटी, जुन्गा, सैज, धमांधरी, देहा, टोडसा, थाना, चिढ़गांव रोड और चिढ़गांव, बटवारी, धमवाड़ी, सामला, दलगांव, कुटारा, कदराला, कुई, धारा, समरकोट, मचोटी, टिक्कर, कडिउंधार, सावड़ा, बोहलार, आंटी, पंदराणु, बराला, बड़शाल, मदहारली, शरौंथा, देवरीघाट, मंढोल, मधावनी, कच्चीनघाटी, टिपर-मझौली, चकटी, गानवी और किन्नू में अंग्रेजी के शराब ठेके शामिल हैं। इसके अलावा बालूगंज और ननखड़ी में देसी शराब के ठेको की खरीद के लिए भी रिजर्व प्राइस से नीचे बोली लगी।
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जिले के 31 ठेके पहली एचपीएमसी के हवाले
19 शराब ठेके नगर निगम चलाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला में पिछले 27 दिन से चली शराब ठेकों की नीलामी प्रक्रिया में अभी तक 74 शराब ठेके नीलाम नहीं हो पाए हैं। बचत भवन में बुधवार को छह घंटे तक चली बारहवें चरण की नीलामी प्रक्रिया में शिमला ग्रामीण का पनेश और रामपुर उपमंडल के ज्यूरी का ही अंग्रेजी शराब ठेका बिका।
सतिंद्र सिंह चंदेल ने 1 करोड़ 41 लाख 66 हजार 825 रुपये रिजर्व प्राइस के इस ठेके को सिर्फ पांच रुपये की अधिक बोली लगाकर खरीदा। साथ ही ठेकेदार राजेश ने पनेश के शराब के ठेके को 61 लाख रुपये में खरीदा। इसके अलावा दिनभर कोई भी ठेका नीलाम नहीं हुआ। आबकारी विभाग देर शाम तक शेष बचे 74 ठेकों को मेघा क्लब, यूनिटों में बेचने की जद्दोजहद में लगा रहा लेकिन कम बोली प्राप्त होने के कारण यह ठेके आवंटित नहीं किए जा सके। पिछले 27 दिन से नहीं बिक रहे जिले के 74 में से 50 ठेकों को पहली बार एचपीएससी और नगर निगम चलाएगा। इसमें शिमला ग्रामीण के 31 ठेकों को हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) चलाएगा। इसके अलावा शिमला शहर के 19 शराब ठेकों को नगर निगम चलाएगा।
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दरअसल सरकार के फैसले के बाद साल 2025-26 में शिमला जोन के तहत 35 शराब यूनिटों को पिछले साल के मुकाबले अधिक दर पर आवंटन किया है। इसी के तहत बुधवार को बचत भवन सभागार में बारहवें चरण की नीलामी प्रक्रिया पीठासीन अधिकारी अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में हुई। दिनभर 76 में से दो शराब ठेके नीलाम हो सके। इस बीच देर शाम तक शराब ठेके नहीं बिके तो विभाग ने शेष बचे 74 शराब ठेकों को मेघा क्लब और यूनिट में बनाकर नीलामी करवाई गई। कारोबारियों ने इस दौरान भी ठेकों को खरीदने के लिए रिजर्व प्राइस से 60 प्रतिशत के कम दामों में बोली लगाई। अब विभाग ने इन ठेकों को मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार के पास भेजा है। विभाग को जिले के 256 ठेकों में से 182 ठेकों की नीलामी से करीब 172 करोड़ का राजस्व प्राप्त हो चुका है। इसके साथ ही रिजर्व प्राइस से कम 74 ठेकों की बोली के दामों को मिलाकर यह आंकड़ा 219 करोड़ रुपये के पार हो गया है। वहीं विभाग ने 256 ठेकों से 254 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है।
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बारहवें चरण में यह ठेके नहीं बिके
बचत भवन सभागार में बुधवार को 76 में से 74 ठेकों के लिए कारोबारियों ने रिजर्व प्राइस से नीचे की बोली लगाई जिस कारण वह नहीं बिके। इसमें लक्कड़ बाजार (मेन) के अंग्रेजी (एल-14) और देसी शराब (एल-2), लक्कड़ बाजार (बस स्टैंड), ढली (मेन), खलीनी, पुराना डंप, कोटखाई और चूहाबाग का ठेका शामिल है। इसके अलावा अप्पर कैथू, तारादेवी, कसुम्पटी, विकासनगर, न्यू शिमला सेक्टर-3, शोघी, कच्चीघाटी, कनलोग, टुटीकंडी, टुटू, हलोग (धामी), बागीपुल, लंबीधार, मशोबरा, खटनोल, नौटीखड्ड, नौटीखड्ड (कटली), चीनीबंगला, कोटी, जुन्गा, सैज, धमांधरी, देहा, टोडसा, थाना, चिढ़गांव रोड और चिढ़गांव, बटवारी, धमवाड़ी, सामला, दलगांव, कुटारा, कदराला, कुई, धारा, समरकोट, मचोटी, टिक्कर, कडिउंधार, सावड़ा, बोहलार, आंटी, पंदराणु, बराला, बड़शाल, मदहारली, शरौंथा, देवरीघाट, मंढोल, मधावनी, कच्चीनघाटी, टिपर-मझौली, चकटी, गानवी और किन्नू में अंग्रेजी के शराब ठेके शामिल हैं। इसके अलावा बालूगंज और ननखड़ी में देसी शराब के ठेको की खरीद के लिए भी रिजर्व प्राइस से नीचे बोली लगी।