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हिमाचल के कारोबारियों पर इतने अरब टैक्स है बकाया
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 22 Feb 2017 11:40 PM IST
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प्रदेश के हजारों कारोबारियों पर आबकारी एवं कराधान विभाग का करीब सात सौ करोड़ रुपया बकाया है। मुख्य सचिव के निर्देश के बाद इस भारी-भरकम रकम की वसूली के लिए विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत हर आबकारी एवं कराधान अधिकारी को अपने जोन में डेली रिकवरी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेजने को कहा गया है।
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साथ ही हर दिन की रिपोर्ट को मुख्य सचिव कार्यालय को भी भेजा जा रहा है। विभाग ने यह कवायद हाल ही में मुख्य सचिव वीसी फारका की अध्यक्षता मे टैक्स और नॉन टैक्स राजस्व को लेकर हुई रिव्यू कमेटी की बैठक के बाद शुरू की है। दरअसल, बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त ने विभाग द्वारा कम राजस्व को लेकर मुख्य सचिव का ध्यान खींचा था।
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साथ ही वैट कलेक्शन को लेकर भी चिंता जताई थी। आबकारी एवं कराधान विभाग के लिए इस साल पिछले साल की अपेक्षा 19 प्रतिशत ज्यादा वैट राजस्व वसूलने का लक्ष्य था। लेकिन वित्त विभाग के आंकड़ों के अनुसार कराधान विभाग के राजस्व में सिर्फ 14 प्रतिशत ही ही बढ़ोतरी हुई। बैठक के दौरान ही आबकारी एवं कराधान आयुक्त ने बताया था कि सिरमौर के राजस्व विवाद को छोड़ दें तो प्रदेश में विभाग का करीब सा सौ करोड़ रुपये बकाया है।
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मुख्य सचिव ने न सिर्फ बकाए पर चिंता जताई बल्कि आयुक्त को डेली रिकवरी रिपोर्ट भेजने को कहा था। इसी के बाद विभाग ने यह कवायद शुरू की है। आयुक्त पुष्पेंद्र राजपूत ने बताया कि रिकवरी को लेकर पहले ही अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष खत्म होने तक काफी हद तक रिकवरी हो जाएगी।